लाहौल-स्पीति में फिर बाढ़ का कहर: जाहलमा नाले में बहा वैकल्पिक मार्ग, पर्यटक, कर्मचारी और छात्र फंसे

लाहौल-स्पीति के जिस्पा-जाहलमा नाले में ग्लेशियर पिघलने से फिर बाढ़ आ गई। वैकल्पिक मार्ग बहने से पर्यटक, कर्मचारी, विद्यार्थी और स्थानीय लोग फंस गए।

लाहौल-स्पीति में फिर बाढ़ का कहर: जाहलमा नाले में बहा वैकल्पिक मार्ग, पर्यटक, कर्मचारी और छात्र फंसे

ग्लेशियर पिघलने से जाहलमा नाले में फिर आई बाढ़

अस्थायी वैकल्पिक मार्ग बहने से दोनों ओर लोग और वाहन फंसे

प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और एडवाइजरी मानने की अपील की


हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में लगातार बढ़ते तापमान का असर अब गंभीर रूप से दिखाई देने लगा है। जिस्पा-जाहलमा नाले में एक बार फिर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। तेज बहाव के कारण नाले पर बनाया गया अस्थायी वैकल्पिक मार्ग बह गया, जिससे दोनों ओर दर्जनों वाहन, पर्यटक, सरकारी कर्मचारी, विद्यार्थी और स्थानीय लोग फंस गए।

जानकारी के अनुसार, लगातार बढ़ती गर्मी के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। इसके चलते पहाड़ी नालों का जलस्तर अचानक बढ़ रहा है। इसी वजह से जाहलमा नाले में तेज बहाव आया और वैकल्पिक मार्ग पानी में बह गया। इसके बाद इस मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।

मार्ग बंद होने से दोनों ओर बड़ी संख्या में पर्यटक, सरकारी कर्मचारी, स्कूली और कॉलेज के विद्यार्थी तथा स्थानीय लोग फंस गए। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और हालात सामान्य होने के बाद मार्ग बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग व जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें। संवेदनशील क्षेत्रों में फिलहाल विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान के कारण हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। इससे नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।