टोल प्लाज़ा पर मारपीट पर NHAI सख्‍त: एजेंसी का कॉन्ट्रैक्ट तोड़ा, एक साल के लिए डिबार, ₹5.3 करोड़ की बैंक गारंटी जब्तऍ

टोल प्लाज़ा पर अधिवक्ता से दुर्व्यवहार के मामले में NHAI ने यूज़र शुल्क एजेंसी का अनुबंध समाप्त किया। एजेंसी एक साल के लिए डिबार, ₹5.3 करोड़ की गारंटी जब्त।

टोल प्लाज़ा पर मारपीट पर NHAI सख्‍त: एजेंसी का कॉन्ट्रैक्ट तोड़ा, एक साल के लिए डिबार, ₹5.3 करोड़ की बैंक गारंटी जब्तऍ
  • टोल प्लाजा पर अधिवक्ता से दुर्व्यवहार, NHAI की सख्त कार्रवाई
  • यूज़र शुल्क संग्रहण एजेंसी का अनुबंध तत्काल समाप्त
  • ₹5.3 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त, एक साल के लिए निविदाओं से बाहर


 बाराबंकी में टोल प्लाजा पर अधिवक्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कड़ा रुख अपनाया है। प्राधिकरण ने एनएच-731 के लखनऊ–सुल्तानपुर खंड पर स्थित बारा फी प्लाजा पर यूज़र शुल्क संग्रहण कर रही एजेंसी एम/एस स्काईलार्क इन्फ्रा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड का अनुबंध समाप्त कर दिया है।

यह कार्रवाई 14 जनवरी 2026 को सामने आई घटना के बाद की गई है, जिसमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता के साथ टोल प्लाजा कर्मियों द्वारा कथित रूप से मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया था। NHAI ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और एक वर्ष की अवधि के लिए भविष्य की सभी निविदाओं व अनुबंधों से वंचित (डिबार) करने का निर्णय लिया है।

इसके साथ ही बारा फी प्लाजा के मौजूदा अनुबंध के तहत एजेंसी द्वारा जमा कराई गई ₹5.3 करोड़ की बैंक गारंटी/परफॉर्मेंस सिक्योरिटी को जब्त करने और एन्कैश करने का भी प्रस्ताव रखा गया है। प्राधिकरण का मानना है कि यह घटना अनुबंध की शर्तों का गंभीर उल्लंघन है।

अनुबंध की शर्तों में स्पष्ट रूप से यह प्रावधान है कि ठेकेदार द्वारा तैनात कोई भी कर्मी आम जनता के साथ किसी भी प्रकार का कदाचार या दुर्व्यवहार नहीं करेगा और अपने आचरण में पूर्ण अनुशासन व शालीनता बनाए रखेगा। NHAI के अनुसार, यह मामला एजेंसी द्वारा अनुशासन, उचित पर्यवेक्षण और अनुबंधीय दायित्वों के पालन में गंभीर विफलता को दर्शाता है।

प्राधिकरण ने संकेत दिए हैं कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इस तरह की घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।