शिमला ग्रामीण को 30 इलेक्ट्रिक बसें,विक्रमादित्य ने दिखाई हरी झंडी, कंगना पर भी पलटवार

शिमला ग्रामीण को 30 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिली। विक्रमादित्य सिंह ने 18 बसों को हरी झंडी दिखाई और कंगना के भ्रष्टाचार आरोपों पर पलटवार किया।

शिमला ग्रामीण को 30 इलेक्ट्रिक बसें,विक्रमादित्य ने दिखाई हरी झंडी, कंगना पर भी पलटवार

शिमला ग्रामीण को मिली 30 इलेक्ट्रिक बसें, 18 बसों को पहले चरण में रूट पर उतारा

कंगना के भ्रष्टाचार आरोपों पर विक्रमादित्य का पलटवार, बोले- मोहतरमा को कोई गंभीरता से नहीं लेता

सड़कों की बहाली और बागवानों की लाइफलाइन मजबूत करने पर सरकार का फोकस

शिमला। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने गुरुवार को पुराने बस स्टैंड से शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के लिए स्वीकृत इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पहले चरण में 18 इलेक्ट्रिक बसें विभिन्न रूटों पर चलेंगी।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शिमला ग्रामीण में बसों की कमी लंबे समय से बनी हुई थी। उन्होंने इस मुद्दे को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के समक्ष प्राथमिकता के आधार पर रखा था।

मंत्री ने कहा कि शिमला ग्रामीण के लिए कुल 30 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं। पहले चरण में 18 बसों को रूट पर उतारा गया है। इससे टूटू क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों को परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि अगले चरण में सुन्नी क्षेत्र के लिए करीब 14 बसें जल्द शुरू की जाएंगी। हालांकि इलेक्ट्रिक बसों की करीब 150 किलोमीटर की चार्जिंग लिमिट को देखते हुए दूर-दराज के रूटों की जरूरत को डीजल बसों के माध्यम से पूरा किया जाएगा।

650 करोड़ के विकास कार्य चल रहे।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि शिमला ग्रामीण में करीब 650 करोड़ रुपये के विकास कार्य चल रहे हैं। इनमें सड़कों के निर्माण के साथ भवनों से जुड़े काम भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि शिमला ग्रामीण राजधानी शिमला से सटा हुआ क्षेत्र है। यहां सरकारी कर्मचारी, बागवान, किसान और आम लोग रोजाना शिमला आते-जाते हैं। ऐसे में बेहतर परिवहन सुविधा की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

मंत्री ने बसों की स्वीकृति के लिए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का विशेष रूप से धन्यवाद किया।

कंगना के आरोपों पर विक्रमादित्य का पलटवार।

कंगना रनौत की ओर से हिमाचल सरकार पर पेट्रोल-डीजल सेस के जरिए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने को लेकर भी विक्रमादित्य सिंह ने पलटवार किया।

उन्होंने कंगना पर निशाना साधते हुए कहा कि “मोहतरमा को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता” और उन्हें पहले पूरी जानकारी हासिल करनी चाहिए। इसके बाद ही मीडिया में बयानबाजी करनी चाहिए।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम हिमाचल सरकार नहीं बढ़ा रही है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से लगातार कीमतों में बढ़ोतरी का असर पूरे देश में दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल में गरीब लोगों और अनाथ परिवारों के हित में केवल 50 से 60 पैसे का सेस लगाया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पेट्रोल की कीमत करीब 105 रुपये और डीजल की कीमत करीब 95 रुपये तक पहुंच चुकी है, तो इस मुद्दे पर चर्चा क्यों नहीं हो रही।

एथेनॉल ब्लेंडिंग और केंद्र से राशि का मुद्दा उठाया।

लोक निर्माण मंत्री ने एथेनॉल ब्लेंडिंग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि एथेनॉल मिश्रण के कारण वाहनों की माइलेज कम होने की बात सामने आती है।

उन्होंने दावा किया कि हिमाचल को केंद्र से करीब 1500 करोड़ रुपये अब तक नहीं मिले हैं। विक्रमादित्य सिंह ने कंगना रनौत से कहा कि वह दिल्ली जाकर केंद्र सरकार से हिमाचल के लिए यह राशि दिलाने का प्रयास करें।

बारिश में बंद सड़कों को खोलने के लिए मशीनरी तैनात।

बरसात के दौरान सड़कों के बार-बार बंद होने को लेकर भी लोक निर्माण मंत्री ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण करीब 200 से 250 सड़कें बंद हुई थीं।

मंत्री के अनुसार, मशीनरी की मदद से इनमें से बड़ी संख्या में सड़कों को शाम तक बहाल कर दिया जाता है। जेसीबी और पोकलेन मशीनों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है।

इन मशीनों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि बागवानों और किसानों को सड़क बंद होने के कारण परेशानी न उठानी पड़े।

बिटुमेन के दाम बढ़ने से टारिंग प्रभावित।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि बिटुमेन के रेट बढ़ने के कारण इस बार एएमपी के तहत होने वाले टारिंग कार्य प्रभावित हुए हैं। हालांकि सरकार ने इसकी एनहांसमेंट एग्री कर ली है।

उन्होंने कहा कि मानसून खत्म होते ही टारिंग के काम में तेजी लाई जाएगी। सरकार का प्रयास है कि सड़कों के निर्माण और मरम्मत से जुड़े काम समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं।

बागवानों की लाइफलाइन सड़कों पर करोड़ों खर्च।

लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि बागवानों की महत्वपूर्ण छैला-यशवंतनगर-नेरीपुल सड़क के अपग्रेडेशन के लिए करीब 203 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

इसके अलावा रामपुर क्षेत्र की महत्वपूर्ण टिक्कर-खमाड़ी सड़क के शेष कार्य के लिए भी 36 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है।

विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि सरकार का पूरा प्रयास बागवानों और किसानों की लाइफलाइन सड़कों को मजबूत करने पर है। इन सड़कों के बेहतर होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन और कृषि-बागवानी उत्पादों की आवाजाही में सीधा फायदा मिलेगा।