‘राधे-राधे’ के साथ संत प्रेमानंद ने राष्ट्रपति मुर्मू का किया स्वागत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर 25 मिनट तक आध्यात्मिक चर्चा की और आश्रम में उनका सम्मान किया गया।

‘राधे-राधे’ के साथ संत प्रेमानंद ने राष्ट्रपति मुर्मू का किया स्वागत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज से की मुलाकात
25 मिनट चली आध्यात्मिक चर्चा, ‘राधे-राधे’ से हुआ स्वागत
परिवार संग आश्रम पहुंचीं राष्ट्रपति, संतों ने माला-चुनरी से किया सम्मान



देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित वृंदावन में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर आध्यात्मिक चर्चा की। शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे बारिश के बीच राष्ट्रपति अपने परिवार के साथ आश्रम पहुंचीं, जहां उन्होंने संत को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। इस दौरान संत प्रेमानंद महाराज ने ‘राधे-राधे’ कहकर उनका अभिवादन स्वीकार किया।

राष्ट्रपति ने संत प्रेमानंद को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। प्रेमानंद जी ने राधे-राधे कहकर उनका अभिवादन स्वीकार किया।

आश्रम में राष्ट्रपति का स्वागत परंपरागत तरीके से किया गया। संतों ने उन्हें माला और चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने संत प्रेमानंद महाराज को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं। गौरतलब है कि 19 मार्च को संत प्रेमानंद महाराज का 56वां जन्मदिन था।

राष्ट्रपति के साथ उनकी बेटी इतिश्री मुर्मू, दामाद गणेश हेम्ब्रम और दोनों नातिनें आद्याश्री और नित्याश्री भी थीं।

राष्ट्रपति और संत के बीच करीब 25 मिनट तक आध्यात्मिक चर्चा हुई। इस दौरान राष्ट्रपति भाव-विभोर नजर आईं। चर्चा के समय कुटिया में केवल राष्ट्रपति, उनके परिजन और संत के करीबी शिष्य ही मौजूद रहे। राष्ट्रपति के साथ उनकी बेटी इतिश्री मुर्मू, दामाद गणेश हेम्ब्रम और दोनों नातिनें भी मौजूद थीं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संत प्रेमानंद महाराज के साथ 25 मिनट तक आध्यात्मिक चर्चा की।

यह दौरा राष्ट्रपति के तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश प्रवास का हिस्सा है। इससे पहले उन्होंने राम मंदिर अयोध्या में रामलला के दर्शन किए और मंदिर परिसर में राम यंत्र की स्थापना की। उन्होंने कहा कि अयोध्या जैसी पवित्र भूमि पर पहुंचना उनके लिए सौभाग्य की बात है। इसके बाद राष्ट्रपति इस्कॉन मंदिर वृंदावन और प्रेम मंदिर भी गईं, जहां उन्होंने राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना की और मंदिर की भव्यता की सराहना की।

आज के कार्यक्रम के तहत राष्ट्रपति आगे नीब करौरी बाबा के आश्रम जाएंगी और इसके बाद रामकृष्ण मिशन अस्पताल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अत्याधुनिक कैंसर यूनिट का उद्घाटन करेंगी।

यदि संत प्रेमानंद महाराज की बात करें तो उनका जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में हुआ था। उनका बचपन का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। उन्होंने मात्र 13 वर्ष की आयु में घर छोड़कर आध्यात्मिक जीवन अपना लिया था। बाद में वे वृंदावन आकर राधावल्लभ संप्रदाय से जुड़े और आज देशभर में अपने प्रवचनों के लिए प्रसिद्ध हैं।