शोरूम मालिक समेत 3 के कंकाल मिले , NDRF दुकानों में मलबे को अभी भी खंगाल रही
रोहतक की डी-पार्क मार्केट में लगी भीषण आग में शोरूम मालिक समेत तीन लोगों की मौत हो गई। NDRF ने मलबे से अवशेष बरामद किए, जबकि देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड पर सवाल उठ रहे हैं।
- रोहतक अग्निकांड में शोरूम मालिक समेत 3 लोगों की मौत
- NDRF को मलबे में मिले तीनों के अवशेष, देर रात तक चला सर्च ऑपरेशन
- दुकानदारों ने फायर ब्रिगेड की देरी पर उठाए सवाल, जांच की मांग तेज
रोहतक की डी-पार्क मार्केट में मंगलवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। करीब 10 दुकानों में लगी आग के बाद देर रात तक चले सर्च ऑपरेशन में शोरूम मालिक समेत तीन लोगों के अवशेष बरामद किए गए। हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान सौरभ उर्फ रोहित (19), अमन (38) और कपिल (50) के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार सौरभ उर्फ रोहित होम टाउन शूज शोरूम का मालिक था, जबकि अमन और कपिल रोहतक शूज शोरूम में काम करते थे। आग की शुरुआत रोहतक शूज शोरूम से हुई बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शोरूम में लगे एसी के कंप्रेसर में धमाका होने के बाद आग भड़की और कुछ ही मिनटों में आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
आग इतनी भीषण थी कि करीब साढ़े छह घंटे तक राहत और बचाव कार्य चलता रहा। जब आग पर आंशिक रूप से काबू पाया गया तो NDRF की टीम ने मलबे के अंदर सर्च अभियान शुरू किया। इसी दौरान तीनों मृतकों के अवशेष बरामद किए गए, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए PGI रोहतक भेजा गया।
हादसे के बाद पूरे बाजार में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मौके पर पहुंचे सांसद दीपेंद्र हुड्डा के सामने भी कई परिवार भावुक हो गए। एक व्यक्ति अपने बेटे के अंदर फंसे होने की आशंका को लेकर सांसद के गले लगकर फूट-फूटकर रो पड़ा।
दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि आग लगने के बाद शुरुआत में फायर ब्रिगेड की केवल एक गाड़ी ही मौके पर पहुंची। उनका कहना है कि यदि पर्याप्त संसाधन समय पर पहुंच जाते तो नुकसान कम हो सकता था और शायद कुछ जानें भी बचाई जा सकती थीं। बाद में आसपास के पांच जिलों से करीब 20 फायर ब्रिगेड वाहन बुलाए गए।
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने भी फायर ब्रिगेड की देरी से पहुंचने के आरोपों की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। साथ ही प्रभावित व्यापारियों को उचित मुआवजा दिलाने की बात भी कही।
यह हादसा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आवास से करीब 50 मीटर की दूरी पर हुआ। सुरक्षा कारणों से आसपास का क्षेत्र खाली कराया गया और देर रात तक बचाव अभियान जारी रहा।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि रोहतक में इससे पहले इतनी बड़ी आग की घटना शायद ही कभी हुई हो। कई दुकानदारों की जिंदगी भर की कमाई कुछ घंटों में राख हो गई। बाजार में करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
Akhil Mahajan