100 की रफ्तार बनी काल: गोहाना से लौट रहे 5 दोस्तों की मौत

सोनीपत में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पेड़ से टकराने से 5 युवकों की मौत हो गई। सभी दोस्त गोहाना से भात भरकर रोहतक लौट रहे थे। खानपुर मेडिकल में आज पोस्टमॉर्टम होगा।

100 की रफ्तार बनी काल: गोहाना से लौट रहे 5 दोस्तों की मौत

स्कॉर्पियो 100 से ज्यादा स्पीड में पेड़ से टकराई
5 युवकों की मौत, एक गंभीर, एक सुरक्षित
भात भरकर रोहतक लौट रहे थे सभी दोस्त


हरियाणा के सोनीपत जिले में शुक्रवार शाम एक भीषण सड़क हादसे ने पांच परिवारों की खुशियां छीन लीं। गोहाना के गांव भावड़ में भात भरने गए सात दोस्त जब रोहतक लौट रहे थे, तब उनकी काली स्कॉर्पियो (HR 98 B 9988) तेज रफ्तार में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई।

हादसे में मौत के बाद अस्पताल में रखे चारों युवकों के शव।

 टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और अंदर बैठे युवक बुरी तरह फंस गए। हादसे में पांच दोस्तों की मौत हो गई, जबकि एक की हालत गंभीर है और एक युवक सुरक्षित बच गया। पांचों मृतकों का आज खानपुर मेडिकल कॉलेज में पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार गाड़ी की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी। तेज गति के कारण चालक नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन सीधे पेड़ से जा भिड़ा। हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

हादसे के बाद तुरंत ही आसपास के लोग बचाव कार्य में जुट गए।

दिल्ली पुलिस कर्मी की बहन के घर गए थे

जानकारी के मुताबिक, रोहतक के गांव घुसकानी के गोलू, खिडवाली के साहिल, अंकुश, दीपक, अंकित, सागर और मोहित स्कॉर्पियो में सवार थे। ये सभी गांव जिंदरान निवासी संदीप के जिगरी दोस्त थे, जो दिल्ली पुलिस में कार्यरत है। संदीप की बहन के घर गांव भावड़ में भात भरने का कार्यक्रम था। सभी दोस्त शादी की खुशियों में शामिल होकर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में काल बनकर हादसा सामने आ गया।

25 से 28 साल के बीच थी उम्र

हादसे में गोलू, अंकुश, दीपक, साहिल और सागर की मौत हो गई। अंकित की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। मोहित को गंभीर चोट नहीं आई। मृतकों की उम्र 25 से 28 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार गाड़ी दीपक चला रहा था।

शादी के दो महीने बाद उजड़ा घर

गांव घुसकानी निवासी गोलू की दो महीने पहले ही शादी हुई थी। वह परिवार का इकलौता बेटा था। पीछे उसकी पत्नी और वृद्ध माता-पिता रह गए हैं। इस हादसे ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है। रोहतक के जिन गांवों से युवक थे, वहां शुक्रवार रात चूल्हा तक नहीं जला।

सेल्फ ड्राइविंग गाड़ियों का कारोबार

सातों दोस्त मिलकर सेल्फ ड्राइविंग गाड़ियों का व्यवसाय करते थे। उन्होंने कई वाहन किराये पर देने के लिए खरीद रखे थे। जिस स्कॉर्पियो में वे सवार थे, वह गांव घुसकानी के सरपंच के भतीजे सागर की बताई जा रही है। सागर पढ़ाई के साथ कारोबार में भी सक्रिय था।

शादी में छाया मातम

गांव भावड़ में जौहरी नंबरदार के परिवार में दो बेटियों की शादी थी। एक बेटी की बारात आ चुकी थी और दूसरी की बारात शाम को आने वाली थी। हादसे की सूचना मिलते ही डीजे और ढोल बंद करा दिए गए। शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।

पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन प्राथमिक कारण तेज रफ्तार को ही माना जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़कों पर रफ्तार की कीमत याद दिला दी है।