महिला टीचर संग आपत्तिजनक हालत में था, छात्र ने देख लिया था इसलिए उतारा मौत के घाट, आरोपी होस्टल संचालक का कुबूलानामा
बांका छात्र हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। हॉस्टल संचालक ने पूछताछ में कबूल किया कि राज खुलने के डर से उसने 8 वर्षीय छात्र की पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई।
➤ महिला टीचर के साथ कमरे में होने के दौरान बच्चे ने देख लिया था दृश्य
➤ राज खुलने के डर से हॉस्टल संचालक ने लोहे की छड़ से बेरहमी से पीटा
➤ वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया
बिहार के बांका जिले के कटोरिया स्थित माउंट केरल स्कूल एवं हॉस्टल में 8 वर्षीय छात्र आनंद की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस पूछताछ में हॉस्टल संचालक राजीव कुमार रंजन ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि बच्चे ने उसे एक महिला टीचर के साथ बंद कमरे में देख लिया था। इसी बात के उजागर होने के डर से उसने गुस्से में आकर मासूम की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे बाद में उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, घटना 21 जून 2026 की है। उस दिन स्कूल की प्रिंसिपल और कुछ अन्य लोग बड़े बच्चों को घुमाने के लिए बाहर गए हुए थे, जबकि छोटे बच्चे हॉस्टल में मौजूद थे। इसी दौरान संचालक और एक महिला टीचर ग्राउंड फ्लोर के बंद कमरे में थे। तभी पहली कक्षा का छात्र आनंद खिड़की से कमरे के अंदर देखने लगा और उसने अपने कुछ दोस्तों को भी वहां बुलाना शुरू कर दिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बच्चों की आवाज सुनकर वह बाहर निकला। महिला टीचर वहां से चली गई, जबकि उसने आनंद को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान उसे यह डर सताने लगा कि यदि बच्चा यह बात दूसरों को बता देगा तो स्कूल की बदनामी होगी। इसी गुस्से में उसने पास में पड़ी लोहे की छड़ से बच्चे की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।
आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने आनंद के सिर पर लगातार कई वार किए। पुलिस के मुताबिक, मेडिकल जांच और पोस्टमॉर्टम में बच्चे के सिर पर कई गंभीर चोटें मिलीं। गंभीर रूप से घायल आनंद को पहले कटोरिया अस्पताल, फिर भागलपुर के मायागंज अस्पताल और बाद में बेहतर इलाज के लिए पटना ले जाया गया, जहां 29 जून को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी ने परिजनों को गुमराह करने की कोशिश की और दावा किया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बच्चे पर हमला किया है। हालांकि पुलिस ने मौके से बरामद साक्ष्यों, सीसीटीवी, सीडीआर, फॉरेंसिक जांच और अन्य तकनीकी इनपुट के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ लीं।
बेलहर एसडीपीओ ने बताया कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन दिन के भीतर मामले का खुलासा कर आरोपी हॉस्टल संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
बच्चे की मौत के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों और ग्रामीणों ने शव रखकर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति को सामान्य कराया।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी संचालक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। यदि जांच में किसी और की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Akhil Mahajan