Video: मनीषा की मौत को एक साल, मां की आंखों में अब भी बेटी की यादें; बोली-न्याय मिले, बेटी बिन सबकुछ सूना
मनीषा की मौत को एक साल बाद मां भावुक हुईं। CBI ने क्लोजर रिपोर्ट में सुसाइड बताया, लेकिन पिता ने इसे मानने से इनकार करते हुए न्याय की मांग की।
➤ एक साल बाद भी बेटी को याद कर भावुक हुई मां विनोद देवी
➤ CBI ने कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट देकर मौत को सुसाइड बताया
➤ पिता बोले- बेटी की मौत को सुसाइड मान ही नहीं सकते
भिवानी। भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी शिक्षिका मनीषा की मौत को एक साल बीत चुका है, लेकिन परिवार के लिए यह समय बेटी की यादों और न्याय की उम्मीद के बीच गुजर रहा है। बेटी को याद करते हुए मनीषा की मां विनोद देवी कैमरे के सामने ही भावुक हो गईं और रोने लगीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने रो-रोकर एक साल बिताया है और अब उनकी सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि सरकार और अदालत से उनकी बेटी को न्याय मिले।
मनीषा की मां विनोद देवी ने भावुक होकर कहा, "मैं तो एक साल तैं इतनी परेशान हो रही हूं, मेरी बेटी को न्याय दिला दें। यह सरकार यूं भी नहीं सोच रही कि रो-रोकर एक साल निकाला है। और मैंने किम्मी नहीं चाहिए, यह काम करवा दें और मैं किम्मे नहीं मांगू। मेरी हाथी बरगी बेटी ढाह दी। तो भी न्याय नहीं दे रहा। मेरे में क्या बचा है। मेरी उम्मीद है कि सरकार से न्याय मिलना चाहिए।"
बेटी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मनीषा की याद आज भी हर पल आती है और उसे भुलाया नहीं जा सकता। मां ने कहा कि उनकी बेटी इतनी अच्छी थी कि आज भी उसे याद करते ही मन भर आता है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि बेटी के बिना सबकुछ सूना पड़ा है। इसके बाद वह रोने लगीं और आगे बोल नहीं पाईं।
मनीषा से जुड़ी यादों को परिवार ने आज भी संभालकर रखा हुआ है। उसकी सर्टिफिकेट और मेडल समेत दूसरी चीजें मां ने सुरक्षित रखी हैं। मनीषा जिस मंदिर में पूजा किया करती थी, आज उसी मंदिर में उसका भाई नितेश पूजा-पाठ करता है। परिवार के लिए यह मंदिर भी बेटी की यादों से जुड़ी एक खास जगह बन चुका है।
बेटी की यादें आज भी संभालकर रखी
मनीषा के पिता संजय ने कहा कि बेटी की याद आज भी हर समय आती है। उन्होंने बताया कि मनीषा पढ़ाई करती थी और अपने छोटे भाई-बहनों को भी पढ़ाती थी। खेत में जाने पर भी उन्हें बेटी की याद आती है कि किस तरह मनीषा उनके साथ काम में हाथ बंटाती थी।
पिता के मुताबिक परिवार ने मनीषा की यादों को आज भी उसी तरह संभालकर रखा है। उसकी किताबें और कपड़े सुरक्षित हैं। घर के एक कोने में वह छोटा सा मंदिर भी है, जहां मनीषा पूजा किया करती थी। परिवार ने उस जगह को भी उसी तरह रखा है और आज भी वहां पूजा होती है।
CBI ने बताया सुसाइड, पिता बोले- मान नहीं सकते
मनीषा की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पंचकूला सीबीआई कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट सौंप दी है। मनीषा के पिता संजय ने बताया कि उन्हें कोर्ट के माध्यम से पता चला कि CBI ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें मौत को सुसाइड बताया गया है।
संजय के मुताबिक बाकी एविडेंस उनके पास नहीं थे। उन्होंने कहा कि 27 तारीख को चार्जशीट दी जाएगी और उसमें पता चलेगा कि रिपोर्ट सही तरीके से दी गई है या नहीं।
संजय ने कहा कि कोर्ट की ओर से ऐसा कोई कारण नहीं बताया गया है, जिससे सुसाइड घोषित किए जाने की वजह स्पष्ट हो। उन्होंने कहा कि 27 अगस्त को इस संबंध में और जानकारी सामने आएगी और कुछ एविडेंस भी बताए जाएंगे।
मनीषा के पिता ने साफ कहा कि परिवार उनकी बेटी की मौत को सुसाइड मान ही नहीं सकता। उन्होंने कहा कि अगर इसे साबित भी कर दिया जाता है, तब भी उनके गले यह बात नहीं उतरेगी कि उनकी बेटी ने आत्महत्या की थी। उन्होंने कहा कि आगे कोई कानूनी कार्रवाई का रास्ता मिलता है तो अच्छा वकील करके कोशिश करेंगे, अन्यथा बैठ जाएंगे।
13 अगस्त को खेत में मिला था मनीषा का शव
मनीषा 11 अगस्त 2025 को गांव ढाणी लक्ष्मण से सिंघानी के प्ले स्कूल में ड्यूटी के लिए निकली थी। इसके बाद उसने नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात कही थी, लेकिन वह वापस घर नहीं लौटी।
इसके बाद 13 अगस्त 2025 को मनीषा का शव सिंघानी गांव के खेतों में पड़ा मिला था। परिवार ने उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाया था। पुलिस ने मामले में हत्या का केस दर्ज किया। बेटी की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर लोगों ने धरना-प्रदर्शन भी शुरू कर दिया था।
पुलिस ने आत्महत्या बताया तो बढ़ा विरोध
मामले में 18 अगस्त 2025 को पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों का विरोध और तेज हो गया। परिवार और ग्रामीणों की मांग पर मनीषा का दिल्ली AIIMS में तीसरी बार पोस्टमॉर्टम कराया गया।
मामले को लेकर बढ़ते विरोध और आंदोलन के बीच 26 अगस्त 2025 को जांच CBI को सौंप दी गई थी। करीब एक साल बाद CBI ने अपनी जांच पूरी कर कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है।
अब मनीषा के परिवार की नजर कोर्ट की अगली कार्रवाई पर है। एक तरफ CBI की क्लोजर रिपोर्ट में मौत को सुसाइड बताया गया है, वहीं परिवार इस निष्कर्ष को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। मनीषा की मां आज भी बेटी की यादों को संभाले हुए हैं और परिवार की सबसे बड़ी मांग न्याय की है।
Akhil Mahajan