फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, होटल से 38 युवक-युवतियां गिरफ्तार, दस लाख कैश बरामद, 9 राज्यों में फैला नेटवर्क
पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने होटल से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर 38 लोगों को गिरफ्तार किया। मौके से 40 लैपटॉप, 67 मोबाइल और 10 लाख नकद बरामद हुए। आरोपी बैंक और टेक कंपनी का कर्मचारी बनकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करते थे।
➤ कपूरथला के फगवाड़ा में फर्जी कॉल सेंटर पर छापा, 38 लोग गिरफ्तार
➤ 40 लैपटॉप, 67 मोबाइल और 10 लाख नकद बरामद, कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
➤ बैंक और टेक कंपनी का कर्मचारी बनकर स्क्रीन शेयरिंग ऐप से लाखों की ठगी करते थे आरोपी
पंजाब के कपूरथला जिले में देर रात साइबर क्राइम टीम और फगवाड़ा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। यह कॉल सेंटर फगवाड़ा के ताज विलास एंड होटल की पहली मंजिल पर बने पार्टी हॉल से संचालित हो रहा था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 38 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 32 पुरुष और 6 महिलाएं शामिल हैं।
आरोपियों का नेटवर्क दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, झारखंड, नागालैंड, जम्मू-कश्मीर, मेघालय, पश्चिम बंगाल और पंजाब तक फैला हुआ था। यह गैंग खुद को बैंक या टेक कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों को फोन करता और फिर स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए मोबाइल या कंप्यूटर हैक कर लेता था। इसके बाद पीड़ितों की बैंक डिटेल्स और पासवर्ड हासिल कर लाखों रुपए की ऑनलाइन ठगी को अंजाम देता था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 40 लैपटॉप, 67 मोबाइल फोन और 10 लाख रुपए नकद बरामद किए। सभी आरोपियों पर केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
गुप्त सूचना से मिली सफलता
साइबर क्राइम थाना कपूरथला की इंस्पेक्टर अमनदीप कौर को देर रात गुप्त सूचना मिली थी कि चहल नगर, फगवाड़ा स्थित होटल में फर्जी कॉल सेंटर चल रहा है। सूचना में यह भी बताया गया कि यहां बड़ी संख्या में युवक-युवतियां साइबर फ्रॉड में शामिल हैं। इसके बाद डीएसपी भारत भूषण को जानकारी दी गई और संयुक्त टीम बनाकर रणनीति तैयार की गई।
देर रात पुलिस टीम होटल पहुंची और पार्टी हॉल में प्रवेश करते ही हड़कंप मच गया। करीब 31 कैबिन में युवक-युवतियां लैपटॉप पर काम करते हुए मिले। पुलिस ने तीन लोगों- जस्प्रीत सिंह, साजन मदान और वरुण उर्फ रोहन को मौके पर ही काबू कर लिया। सभी को सिस्टम से अलग कर जांच की गई तो लैपटॉप स्क्रीन पर ठगी से जुड़े सबूत मिले।
आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट 2000 की धाराओं 66C और 66D तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 111, 318(4) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने कितने लोगों को ठगा और ठगी की रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर हुई।