नहर में फेंके गए बेटे ने 9 घंटे मौत से लड़ी जंग, जिंदा बचा- 5KM बहता रहा, 9 घंटे डाली से लटका रहा
फरीदाबाद में पिता ने दो बेटों को नहर में फेंका। बड़ा बेटा 9 घंटे टहनी पकड़कर जिंदा बचा, जबकि पिता और छोटे बेटे की मौत हो गई।
➤ पिता ने दोनों बेटों को नहर में फेंका, खुद भी कूदा
➤ 9 साल का मासूम 5KM बहकर टहनी पकड़ 9 घंटे जिंदगी से जूझता रहा
➤ पैरोल पर आए युवक ने कूदकर बचाई जान, छोटा भाई और पिता की मौत
हरियाणा के फरीदाबाद में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सिविल इंजीनियर पिता ने अपने ही दो मासूम बेटों को आगरा नहर में फेंक दिया और खुद भी कूद गया। इस दर्दनाक घटना में छोटे बेटे और पिता की मौत हो गई, जबकि बड़ा बेटा चमत्कारिक रूप से बच गया।
जानकारी के अनुसार, भगवत दयाल (35) रविवार रात करीब 9 बजे अपने दोनों बेटों सम्राट (9) और युग (5) को घुमाने के बहाने घर से निकला। वह बच्चों को लेकर डीग-फतेहपुर बिल्लोच पुल पर पहुंचा, जहां पहले बड़े बेटे को नहर में फेंक दिया और फिर छोटे बेटे को गोद में लेकर खुद भी छलांग लगा दी।
तेज बहाव के बावजूद सम्राट हिम्मत नहीं हारा। वह करीब 5 किलोमीटर तक पानी में बहता रहा। इसी दौरान उसे नहर किनारे एक पेड़ की टहनी दिखाई दी, जिसे उसने पकड़ लिया। मासूम पूरी रात करीब 9 घंटे तक ठंडे पानी में उसी टहनी से लटका रहा।
सुबह करीब 7 बजे राजेंद्र (23) नामक युवक, जो हाल ही में जेल से पैरोल पर बाहर आया था, अपने दोस्त के साथ नहर किनारे घूम रहा था। तभी उसे “बचाओ-बचाओ” की आवाज सुनाई दी। उसने बिना समय गंवाए नहर में छलांग लगा दी और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राजेंद्र ने बच्चे को अपने घर ले जाकर गर्म कपड़ों में लपेटा, चाय पिलाई और परिवार को सूचना दी। बच्चे ने सिर्फ इतना कहा, “मुझे पापा ने धक्का दिया”।
उधर, पुलिस और SDRF टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया। देर शाम भगवत दयाल का शव मथुरा के पास नहर से बरामद हुआ, जबकि छोटे बेटे युग का शव हरियाणा-यूपी बॉर्डर के पास मिला।
परिजनों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच विवाद की बात सामने आई है, हालांकि इस खौफनाक कदम के पीछे की असली वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। यह घटना पूरे क्षेत्र में सन्नाटा और गम छोड़ गई है, वहीं मासूम सम्राट की हिम्मत और उसे बचाने वाले युवक की बहादुरी की चर्चा हर जगह हो रही है।
Akhil Mahajan