“मेयर शहर का मुख्यमंत्री” बोले अभय चौटाला, वकीलों से की अपील

सोनीपत नगर निगम चुनाव में अभय चौटाला ने वकीलों को संबोधित कर भाजपा-कांग्रेस पर निशाना साधा, वहीं मेयर उम्मीदवार आनंद खत्री ने विकास और पारदर्शिता का एजेंडा रखा।

“मेयर शहर का मुख्यमंत्री” बोले अभय चौटाला, वकीलों से की अपील

➤ सोनीपत निकाय चुनाव में सियासत ने पकड़ी रफ्तार, स्थानीय से बढ़कर बना बड़ा मुद्दा
➤ अभय सिंह चौटाला ने वकीलों को बताया लोकतंत्र की मजबूत नींव, भाजपा-कांग्रेस पर साधा निशाना
➤ मेयर उम्मीदवार आनंद खत्री ने विकास और पारदर्शिता के एजेंडे के साथ मांगा समर्थन


हरियाणा के सोनीपत में इन दिनों नगर निगम चुनाव ने सियासी माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। यह चुनाव अब सिर्फ स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव बनता नजर आ रहा है। राजनीतिक दलों और नेताओं की सक्रियता ने इसे हाई प्रोफाइल बना दिया है।

इसी क्रम में अभय सिंह चौटाला ने बार एसोसिएशन सोनीपत पहुंचकर वकीलों को संबोधित किया। उन्होंने इस चुनाव को बड़े राजनीतिक परिवर्तन का अवसर बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक नगर निगम चुनाव नहीं, बल्कि व्यवस्था में बदलाव का मौका है।

अपने संबोधन में चौटाला ने मेयर की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मेयर किसी शहर का “मुख्यमंत्री” होता है। उसके पास शहर के विकास की दिशा तय करने और बजट को लागू करने की अहम शक्ति होती है। उन्होंने कहा कि सही नेतृत्व से शहर का भविष्य पूरी तरह बदल सकता है।

चौटाला ने वकील समुदाय को लोकतंत्र की सबसे मजबूत कड़ी बताते हुए कहा कि न्याय व्यवस्था से जुड़े लोग हमेशा समाज को सही दिशा देने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि वकीलों की भूमिका चुनावों में निर्णायक होती है और वे जनता को जागरूक करने में अहम योगदान देते हैं।

इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर भी निशाना साधा। चौटाला ने दोनों पार्टियों को “ए और बी टीम” करार देते हुए आरोप लगाया कि जनता के विश्वास के बावजूद सत्ता के समीकरणों में समझौते किए जाते हैं। उन्होंने वकीलों से अपील की कि वे इस चुनाव को गंभीरता से लें और सही उम्मीदवार को समर्थन देकर शहर के विकास में अपनी भूमिका निभाएं।

वहीं, मेयर पद के उम्मीदवार आनंद खत्री ने खुद को एक मजबूत और योग्य विकल्प के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि वे शिक्षा, सामाजिक कार्य और जनसेवा के अनुभव के साथ मैदान में उतरे हैं और उनकी प्राथमिकता पारदर्शिता, विकास और जनभागीदारी रहेगी।

खत्री ने वकीलों से समर्थन मांगते हुए कहा कि वे उनके काम, सोच और नीयत का मूल्यांकन करें और शहर के बेहतर भविष्य के लिए सही निर्णय लें।