हरियाणा बोर्ड के इतिहास मे पहली बार इतने कम केस बने, जानें
हरियाणा बोर्ड में इस बार नकल के सबसे कम केस दर्ज हुए हैं। नूंह में 74 केस जबकि कई जिलों में एक भी नहीं। 12वीं का रिजल्ट 12–15 मई के बीच आने की संभावना है।
➤ हरियाणा बोर्ड इतिहास में पहली बार नकल के सबसे कम केस
➤ नूंह में सबसे ज्यादा 74 केस, अंबाला-यमुनानगर में एक भी नहीं
➤ 12 से 15 मई के बीच 12वीं का रिजल्ट आने की संभावना
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं इस बार कई मायनों में खास रही हैं। बोर्ड के इतिहास में पहली बार नकल और अन्य अनियमितताओं के मामलों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बोर्ड चेयरमैन डॉ. पवन कुमार के अनुसार इस बार दोनों कक्षाओं को मिलाकर कुल लगभग 300 केस ही दर्ज हुए हैं, जो अब तक का सबसे कम आंकड़ा माना जा रहा है।
बोर्ड ने परीक्षा के तुरंत बाद युद्ध स्तर पर मूल्यांकन (मार्किंग) का कार्य शुरू कर दिया है, ताकि समय पर परिणाम घोषित किए जा सकें। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो सीनियर सेकेंडरी (12वीं) का रिजल्ट 12 से 15 मई के बीच जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद सेकेंडरी (10वीं) का परिणाम घोषित होगा।
जिलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो नूंह में सबसे ज्यादा 74 केस सामने आए हैं, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। वहीं दूसरी ओर अंबाला और यमुनानगर ऐसे जिले रहे, जहां एक भी केस दर्ज नहीं हुआ। यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
अन्य जिलों में भी केस की संख्या बेहद कम रही। कुरुक्षेत्र और फरीदाबाद में सिर्फ 1-1 केस दर्ज हुआ, जबकि कैथल में 4 और पंचकूला में 3 केस बने। सिरसा, हिसार और फतेहाबाद में 2-2 केस दर्ज किए गए हैं।
बोर्ड प्रशासन ने इन मामलों की सुनवाई के लिए 29 अप्रैल की तारीख तय की है। जिन विद्यार्थियों के खिलाफ केस दर्ज हुए हैं, उन्हें इस दिन पेश होने के लिए बुलाया गया है।
बोर्ड चेयरमैन के अनुसार इस बार सख्ती से परीक्षा करवाने का असर साफ दिखाई दिया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी के निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में कड़े इंतजाम किए गए थे, जिससे नकल के मामलों में भारी कमी आई है।
बोर्ड अब रिजल्ट को लेकर अंतिम तैयारियों में जुटा हुआ है। छात्रों और अभिभावकों की नजरें अब मई के दूसरे सप्ताह पर टिकी हैं, जब 12वीं का परिणाम जारी होने की उम्मीद है।
Akhil Mahajan