'थैंक यू' बोलकर घिरे सीएम सैनी, दुष्यंत ने सोशल मीडिया पर लगा दी क्लास!

हिसार के GJU विवाद पर CM सैनी की चुप्पी के बाद दुष्यंत चौटाला ने तीखा हमला बोला। SIT ने नोटिस जारी किया, वहीं 27 अप्रैल को महापंचायत का ऐलान हुआ।

'थैंक यू' बोलकर घिरे सीएम सैनी, दुष्यंत ने सोशल मीडिया पर लगा दी क्लास!

सीएम सैनी का 'थैंक यू' और दुष्यंत का तीखा पलटवार

 ➤ हिसार GJU विवाद पर सियासी पारा सातवें आसमान पर

 ➤ फोन और मुंह पर ताला लगाकर डरी हुई है सरकार


 हरियाणा की राजनीति में इन दिनों हिसार की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) का विवाद गरमाया हुआ है। इसी कड़ी में एक प्रेस वार्ता के दौरान जब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से दुष्यंत चौटाला द्वारा उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो सीएम केवल 'थैंक यू' कहकर आगे बढ़ गए। सीएम की इस चुप्पी और बेरुखी पर पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने जबरदस्त चुटकी ली है। दुष्यंत ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि पहले अधिकारियों के फोन पर ताला लगाया गया और अब मुख्यमंत्री ने अपने मुंह पर ताला लगा लिया है। उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा कि देखिए शासन चलाने वाला किस कदर डरा हुआ है। चौटाला ने साफ शब्दों में लिखा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। जीजेयू विवाद को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है, वहीं सीएम का इस मुद्दे पर सीधा जवाब न देना प्रदेश की सियासत में नए पॉलिटिकल एंगल को जन्म दे रहा है।

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब जेजेपी नेता दिग्विजय चौटाला के छात्र संवाद कार्यक्रम के दौरान यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ और हंगामे के आरोप लगे। इसके बाद पुलिस ने जेजेपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया, जिसे दुष्यंत ने 'अवैध गिरफ्तारी' करार दिया है। दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि पुलिस बिना वारंट के घरों में घुस रही है और डीवीआर (DVR) तक उठा ले गई है। उन्होंने हरियाणा पुलिस के सीआईए (CIA) स्टाफ की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।

इस मामले में एसआईटी (SIT) ने अब दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है। दूसरी ओर, दुष्यंत चौटाला ने आगामी 27 अप्रैल को हिसार के क्रांतिमान पार्क में एक 'छात्र हित महापंचायत' बुलाने का ऐलान कर दिया है, जिससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह विवाद थमने वाला नहीं है। चौटाला ने स्पष्ट कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं, और वे इस पुलिसिया उत्पीड़न के खिलाफ मानवाधिकार आयोग और अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।