हरियाणा में मानसून की एंट्री,9 जिलों में बारिश, 7 जुलाई तक अलर्ट
हरियाणा के 9 जिलों में मानसूनी बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में पूरे प्रदेश में मानसून पहुंचने और 7 जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारी किया है।
हरियाणा के 9 जिलों में मानसून की जोरदार शुरुआत, अगले 48 घंटे में पूरे प्रदेश में पहुंचेगा मानसून
7 जुलाई तक बारिश का अलर्ट, कई जिलों में भारी वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने इस सीजन सामान्य से 12% कम बारिश का जताया अनुमान
हरियाणा में आखिरकार मानसून ने दस्तक दे दी है। गुरुवार तड़के से हिसार, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सोनीपत, करनाल, गुरुग्राम और फतेहाबाद समेत नौ जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। अहीरवाल क्षेत्र में भी रातभर से सुबह तक बारिश होती रही, जबकि दिल्ली-चंडीगढ़ बेल्ट के पानीपत और सोनीपत में सुबह करीब आठ बजे तक झमाझम बारिश हुई।
इस बार मानसून की एंट्री सामान्य से करीब 48 घंटे देरी से हुई है। हरियाणा में आमतौर पर 29 जून तक मानसून पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी एंट्री 1 जुलाई के बाद हुई। पिछले 12 वर्षों में यह दूसरा अवसर है जब मानसून ने इतनी देरी से प्रदेश में दस्तक दी है। इससे पहले वर्ष 2014 में भी मानसून 1 जुलाई को पहुंचा था।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटे के भीतर मानसून पूरे हरियाणा को कवर कर लेगा। विभाग ने 7 जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
आज अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
इस बार मानसून की देरी से एंट्री के साथ ही बारिश को लेकर भी अनुमान सामान्य से कम रहने का है। मौसम विभाग ने पूरे सीजन में लगभग 88 प्रतिशत यानी सामान्य से 12 प्रतिशत कम वर्षा होने का पूर्वानुमान जारी किया है। वर्ष 2014 में भी मानसून की देरी से एंट्री हुई थी और उस दौरान प्रदेश में सामान्य से 57 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी।
जून महीने में हरियाणा में केवल 40 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य से करीब 31 प्रतिशत कम रही। प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान औसतन 440 मिलीमीटर बारिश होती है। सबसे अधिक औसत वर्षा यमुनानगर, पंचकूला और अंबाला जिलों में दर्ज की जाती है।
मौसम विभाग के अनुसार पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल और कुरुक्षेत्र में अधिकांश स्थानों पर 75 से 100 प्रतिशत तक बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा रोहतक, झज्जर, सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम और फरीदाबाद के कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। वहीं सिरसा, फतेहाबाद और हिसार में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है।
भारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और आवागमन प्रभावित होने की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मानसून के सक्रिय होने से प्रदेश के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले दिनों जहां अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं अब यह घटकर 35 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच आ गया है। वहीं अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 26 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य के करीब है।
pooja