हरियाणा में प्रमोशन ऑर्डर पर विवाद, नाम के आगे ‘SC’ लिखने पर शिकायत सरकारी आदेश में जाति का उल्लेख, NCSC में उठाया गया मुद्दा

हरियाणा में दो प्रमोशन ऑर्डर में अधिकारियों के नाम के आगे ‘SC’ लिखे जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। एडवोकेट हेमंत कुमार ने इस मामले की शिकायत NCSC और HSCSC में करते हुए इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताया है।

हरियाणा में प्रमोशन ऑर्डर पर विवाद, नाम के आगे ‘SC’ लिखने पर शिकायत  सरकारी आदेश में जाति का उल्लेख, NCSC में उठाया गया मुद्दा

हरियाणा में प्रमोशन ऑर्डर पर विवाद: अधिकारियों के नाम के आगे ‘SC’ लिखने पर NCSC में शिकायत

हरियाणा के दो प्रमोशन ऑर्डर में अधिकारियों के नाम के आगे ‘SC’ लिखने पर विवाद
एडवोकेट हेमंत कुमार ने NCSC और HSCSC को भेजी शिकायत
सरकारी आदेश को संविधान की भावना के खिलाफ बताया


हरियाणा में हाल ही में जारी दो प्रमोशन ऑर्डर को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि सरकारी आदेश में कुछ अधिकारियों के नाम के आगे उनकी जाति का उल्लेख करते हुए SC’ (अनुसूचित जाति) लिखा गया है। इस मामले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट (NCSC) और हरियाणा स्टेट कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट (HSCSC) को औपचारिक शिकायत भेजी है। शिकायत में कहा गया है कि सरकारी आदेश में इस तरह का उल्लेख भारतीय संविधान की भावना के विपरीत है और यह अनुसूचित जाति के लोगों के खिलाफ भेदभाव का संकेत दे सकता है।

शिकायत में एक मेमोरेंडम-कम-पब्लिक रिप्रेजेंटेशन के जरिए यह भी कहा गया है कि भारतीय संविधान अनुसूचित जाति के लोगों के खिलाफ किसी भी प्रकार के भेदभाव को सख्ती से प्रतिबंधित करता है। ऐसे में सरकारी दस्तावेजों में इस प्रकार जाति का उल्लेख करना कई गंभीर सवाल खड़े करता है और इसकी जांच की जानी चाहिए।

जानकारी के अनुसार 11 मार्च 2026 को जारी एक आदेश में हरियाणा के राज्यपाल (गृह विभाग के माध्यम से राज्य सरकार) ने हरियाणा स्टेट लीगल सर्विसेज (ग्रुप-A) संशोधित नियम, 2025 के तहत 8 जिला अटॉर्नी (DA) को असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ प्रोसिक्यूशन के पद पर पदोन्नत किया। इन अधिकारियों में भूपेंद्र अहलावत, धर्मचंद, राजिंदर, महिपाल, अजय कुमार, दिनेश साबरवाल, रमनीक यादव और पंकज शामिल हैं।

आरोप है कि इस आदेश में धर्मचंद, अजय कुमार और दिनेश साबरवाल के नाम के आगे SC (अनुसूचित जाति) लिखा गया है, जिस पर आपत्ति जताई गई है।

दूसरे आदेश में भी दो अधिकारियों के नाम के आगे SC

इसी तरह 11 मार्च 2026 को जारी एक अन्य आदेश में 10 डिप्टी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी (DDA) को डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी (DA) के पद पर पदोन्नत किया गया। इन अधिकारियों में सुखजिंदर सिंह संधू, गोबिंदर सिंह, सुनील कुमार परमार, दिनेश कुमार, कमल सिंह, कुलविंदर पाल सिंह, सुनील कुमार अग्रवाल, अरविंद कुमार, संदीप कुमार और धनंजय कुमार शामिल हैं।

शिकायत के अनुसार इस आदेश में कुलविंदर पाल सिंह और धनंजय कुमार के नाम के आगे भी SC (अनुसूचित जाति) लिखा गया है, जिससे विवाद पैदा हो गया है।

एडवोकेट हेमंत कुमार ने अपनी शिकायत में सवाल उठाया है कि सरकारी आदेश में अधिकारियों के नाम के साथ उनकी श्रेणी (Scheduled Caste) लिखने की आवश्यकता क्या थी और इसका उद्देश्य क्या था। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि ऐसा क्यों किया गया।

शिकायत में संबंधित अधिकारियों और आयोगों से मामले का संज्ञान लेकर तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या सरकारी आदेश में इस प्रकार जाति का उल्लेख करना संविधान की भावना के खिलाफ भेदभाव नहीं माना जाएगा।