हरियाणा राज्यसभा चुनाव: वोटिंग के बाद भी शुरू नहीं हुई काउंटिंग, खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में वोटिंग के बाद भी काउंटिंग शुरू नहीं हो पाई है। तीन वोटों की सीक्रेसी को लेकर विवाद के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग की है।

हरियाणा राज्यसभा चुनाव: वोटिंग के बाद भी शुरू नहीं हुई काउंटिंग, खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग

वोटिंग पूरी होने के घंटों बाद भी काउंटिंग शुरू नहीं, बढ़ा सियासी सस्पेंस
तीन वोटों की सीक्रेसी को लेकर विवाद के बाद मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग की


हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए चंडीगढ़ स्थित विधानसभा के कमेटी रूम में मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन देर रात तक भी मतगणना शुरू नहीं हो सकी। वोटिंग के बाद काउंटिंग में हुई असामान्य देरी ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है और पूरे चुनाव पर सस्पेंस गहरा गया है।

दरअसल, तीन विधायकों के वोट की सीक्रेसी को लेकर विवाद सामने आने के बाद काउंटिंग रोक दी गई थी। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने कुछ विधायकों के वोट की गोपनीयता भंग होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद चुनाव अधिकारी ने सभी आपत्तियों को चुनाव आयोग के पास भेज दिया, जिसके कारण मतगणना प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।

इसी बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्यसभा चुनाव की मतगणना में हो रही देरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रही है, इसलिए चुनाव आयोग को तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

बताया जा रहा है कि भाजपा ने ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बेनीवाल और टोहाना विधायक परमवीर सिंह के वोट की सीक्रेसी लीक होने की शिकायत की है। वहीं कांग्रेस ने मंत्री अनिल विज के वोट की गोपनीयता भंग होने का आरोप लगाया है। नियमों के अनुसार कोई भी विधायक अपने बैलेट पेपर को केवल अपनी पार्टी के अधिकृत एजेंट को ही दिखा सकता है। यदि वह दूसरी पार्टी के एजेंट को वोट दिखाता है तो इसे सीक्रेसी का उल्लंघन माना जाता है और वोट को लेकर आपत्ति दर्ज की जा सकती है।

इससे पहले कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा था कि चुनाव अधिकारी ने सभी आपत्तियों को चुनाव आयोग को भेज दिया है और आयोग के फैसले के बाद ही मतगणना शुरू होगी। वहीं कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने भी बयान दिया था कि जो क्रॉस वोट हुए हैं, उनकी जानकारी नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा को है।

हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं, जिनमें से 88 विधायकों ने मतदान किया है। इंडियन नेशनल लोकदल के दोनों विधायक अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल वोटिंग से दूर रहे। 88 वोट पड़ने के बाद जीत के लिए कोटा 30 वोट तय किया गया है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध और भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, लेकिन यदि किसी का वोट रद्द होता है या क्रॉस वोटिंग सामने आती है तो परिणाम में उलटफेर भी संभव है।

राज्यसभा चुनाव की काउंटिंग में हो रही देरी के कारण पूरे प्रदेश में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं और सभी की नजर अब चुनाव आयोग के फैसले पर टिकी हुई है।