हरियाणा में सफाई और फायर कर्मचारियों की मांगों पर सरकार की सैद्धांतिक सहमति, 60 साल तक सेवा सुरक्षा और वेतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव
हरियाणा सरकार ने सफाई और फायर कर्मचारियों की 14 में से 13 मांगों पर सहमति जताई है, जिसमें वेतन वृद्धि, जोखिम भत्ता, बीमा और 60 साल तक सेवा सुरक्षा शामिल है
➤ सफाई कर्मचारियों का वेतन 19 हजार से बढ़ाकर 21 हजार करने पर सहमति
➤ 2 हजार रुपये जोखिम भत्ता, 50 लाख का दुर्घटना बीमा और 60 साल तक सेवा सुरक्षा का प्रस्ताव
➤ 14 में से 13 मांगों पर सहमति, पक्का करने की मांग पर अब भी फंसा मामला
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने नगरपालिका कर्मचारी संघ एवं फायर कर्मचारी यूनियन की अधिकतर मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए कई मांगों को सैद्धांतिक स्वीकृति देने की जानकारी दी है। सरकार की ओर से कर्मचारियों के हित में वेतन, भत्ते, जोखिम भत्ता, दुर्घटना बीमा, सामाजिक सुरक्षा और सेवा सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधानों का प्रस्ताव रखा गया है। इनमें पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों का मासिक वेतन 19 हजार रुपये से बढ़ाकर 21 हजार रुपये करना, सफाई कर्मचारियों को 2 हजार रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ता देना और 60 वर्ष की आयु तक सेवा की सुरक्षा जैसे प्रमुख प्रावधान शामिल हैं।
सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए कई बड़े कल्याणकारी फैसले लिए गए हैं। वहीं नियमितीकरण यानी कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पर सरकार की ओर से कानूनी परीक्षण कराया जा रहा है। इसी मांग को लेकर कर्मचारियों और सरकार के बीच अभी पूरी तरह सहमति नहीं बन पाई है।
वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव
कर्मचारियों के वेतन और भत्तों से जुड़ी मांगों पर सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी गई है। कर्मचारियों को 440 रुपये प्रतिमाह वर्दी भत्ता वेतन के साथ दिया जा रहा है। इसके अलावा पात्र कर्मचारियों को समान कार्य-समान वेतन और एरियर का भुगतान किए जाने की बात कही गई है।
सफाई कर्मचारियों के लिए 2,000 रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ता देने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। सफाई कर्मचारियों के काम की प्रकृति को देखते हुए यह मांग लंबे समय से महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।
इसके साथ ही पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों का मासिक वेतन 19,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने पर सहमति की जानकारी दी गई है। सरकार की ओर से न्यूनतम सैलरी पात्रता से 15 प्रतिशत अधिक राशि देने का प्रावधान भी बताया गया है।
ड्यूटी के दौरान मौत पर 50 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा
कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी सरकार ने कई महत्वपूर्ण प्रावधान बताए हैं। ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर 50 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा देने की व्यवस्था बताई गई है। वहीं स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 25 लाख रुपये का बीमा लाभ देने का प्रावधान है।
इसके अलावा अनुकंपा सहायता राशि को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किए जाने की जानकारी दी गई है। इससे ड्यूटी के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिवार को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
पालिका रोल और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को चिरायु/आयुष्मान PMJAY योजना में शामिल करने की मंजूरी भी बताई गई है। पात्र कर्मचारियों को ESI और EPF का लाभ देने का प्रावधान भी सरकार की ओर से रखा गया है।
60 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा का प्रावधान
कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा से जुड़ी मांग पर भी सरकार की ओर से महत्वपूर्ण प्रावधान बताया गया है। हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिश्चितता) अधिनियम, 2024 के तहत कर्मचारियों को 60 वर्ष की आयु तक सेवा की सुरक्षा देने की बात कही गई है।
इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए 20 मेडिकल और 20 आकस्मिक अवकाश की सुविधा का प्रावधान बताया गया है। सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को क्लर्क यानी ग्रुप-सी पद पर पदोन्नति का प्रावधान भी शामिल है।
सरकार की ओर से अर्ध-वार्षिक वेतन वृद्धि, ग्रेच्युटी और मातृत्व अवकाश जैसी सुविधाओं का भी उल्लेख किया गया है। इन प्रावधानों के जरिए कर्मचारियों को वेतन के साथ-साथ सेवा और सामाजिक सुरक्षा देने की कोशिश की गई है।
14 में से 13 मांगों पर सहमति, नियमितीकरण पर मामला अटका
इस पूरे मामले में सबसे अहम मुद्दा कर्मचारियों को पक्का यानी नियमित करने की मांग बनी हुई है। सरकार की ओर से बताया गया है कि कर्मचारियों की 14 में से 13 मांगों पर सहमति बन चुकी है, जबकि नियमितीकरण की मांग पर अभी फैसला नहीं हो सका है।
सरकार का कहना है कि कर्मचारियों को नियमित करने के मामले में कानूनी पहलुओं का परीक्षण कराया जा रहा है। इसी वजह से इस मांग पर तत्काल निर्णय नहीं लिया गया है।
कर्मचारी संगठनों की ओर से नियमितीकरण को प्रमुख मांग माना जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि केवल अलग-अलग सुविधाएं देने से उनकी मुख्य समस्या का समाधान नहीं होगा और नौकरी की स्थायी सुरक्षा के लिए उन्हें पक्का किया जाना जरूरी है।
सरकार ने हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने की अपील की
सरकार की ओर से कर्मचारियों से अपील की गई है कि जब उनकी लगभग सभी मांगों को स्वीकार किया जा चुका है, तो हड़ताल समाप्त कर कर्मचारी काम पर लौटें। सरकार ने कहा है कि कर्मचारियों के हितों में कई बड़े फैसले लिए गए हैं और बाकी विषयों पर भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
साथ ही सरकार ने चेतावनी दी है कि जो कर्मचारी काम करना चाहते हैं, उन्हें रोकने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का रुख है कि बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के जरिए नियमितीकरण से जुड़े मुद्दे का समाधान तलाशा जाएगा। दूसरी ओर, कर्मचारियों की तरफ से पक्का करने की मांग को लेकर दबाव बना हुआ है।
सफाई और फायर कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित लाभ
सरकार की ओर से बताए गए प्रमुख लाभों में 440 रुपये प्रतिमाह वर्दी भत्ता, समान कार्य-समान वेतन और एरियर का भुगतान, 2,000 रुपये जोखिम भत्ता, पालिका रोल सफाई कर्मचारियों का वेतन 21,000 रुपये, दुर्घटना में मृत्यु पर 50 लाख रुपये बीमा, स्थायी दिव्यांगता पर 25 लाख रुपये, अनुकंपा सहायता 10 लाख रुपये, चिरायु/आयुष्मान PMJAY, ESI और EPF शामिल हैं।
इसके अलावा 60 वर्ष तक सेवा सुरक्षा, न्यूनतम सैलरी पात्रता से 15 प्रतिशत अधिक राशि, 20 मेडिकल और 20 आकस्मिक अवकाश, सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन के लिए क्लर्क ग्रुप-सी पद पर पदोन्नति, अर्ध-वार्षिक वेतन वृद्धि, ग्रेच्युटी और मातृत्व अवकाश जैसी सुविधाओं का भी प्रावधान बताया गया है।
फिलहाल सरकार और कर्मचारियों के बीच बातचीत का सबसे बड़ा मुद्दा नियमितीकरण बना हुआ है। 14 में से 13 मांगों पर सहमति बनने के बावजूद पक्का करने की मांग पर अंतिम फैसला नहीं हो सका है। सरकार कानूनी परीक्षण की बात कह रही है और कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की अपील कर रही है। अब आगे की स्थिति नियमितीकरण के मुद्दे पर होने वाली बातचीत और सरकार के कानूनी परीक्षण के बाद स्पष्ट होगी।
क्या है मामला
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हड़ताल की शुरुआत: हरियाणा भर के नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर पालिकाओं के सफाई, सीवर और फायर कर्मचारी 6 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन/राज्यव्यापी हड़ताल पर चले गए हैं।
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कर्मचारियों का पक्ष (यूनियन की मांगें):
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नियमितीकरण: पालिका रोल, अनुबंध (contractual), दैनिक वेतनभोगी और हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत कार्यरत सफाई कर्मचारियों, सीवरमैन, फायरमैन और ड्राइवरों को नियमित (पक्का) करना।
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ठेका प्रथा की समाप्ति: सफाई, सीवर और अग्निशमन कार्यों में आउटसोर्सिंग/ठेका प्रथा खत्म कर सभी को विभाग के रोल पर लेना।
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लिखित आदेश: कर्मचारियों का आरोप है कि 13 मई के समझौते के 17 बिंदुओं के आधिकारिक सरकारी आदेश (नोटिफिकेशन) जारी नहीं किए गए।
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हड़ताल का असर: पूरे प्रदेश के कई शहरों में डोर-टू-डोर कचरा उठान ठप है, सड़कों पर कचरे के ढेर लगे हैं और सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
Akhil Mahajan