हाईकोर्ट से रणधीर शर्मा को बड़ी राहत, रामलाल ठाकुर की चुनाव याचिका खारिज

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने श्री नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रणधीर शर्मा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली रामलाल ठाकुर की चुनाव याचिका खारिज कर दी। Form 25 के अनुरूप हलफनामा और न्यायालय के पूर्व आदेश का अनुपालन नहीं होने को फैसले का आधार बनाया गया।

हाईकोर्ट से रणधीर शर्मा को बड़ी राहत, रामलाल ठाकुर की चुनाव याचिका खारिज

श्री नैना देवी जी सीट पर रणधीर शर्मा के निर्वाचन को चुनौती खत्म
Form 25 के अनुरूप हलफनामा दाखिल न करने पर कोर्ट ने याचिका खारिज की
18 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट ने सुनाया फैसला, सभी लंबित आवेदन निपटाए


शिमला। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने श्री नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक एवं पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणधीर शर्मा के निर्वाचन को चुनौती देने वाली कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर की चुनाव याचिका खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति संदीप शर्मा की अदालत ने 18 अगस्त 2026 को Election Petition No. 1 of 2022 में यह फैसला सुनाया। अदालत ने पाया कि चुनाव याचिका के समर्थन में दाखिल हलफनामा निर्धारित कानूनी प्रारूप Form 25 के अनुरूप नहीं था और पूर्व आदेश में दिए गए निर्देशों का भी निर्धारित तरीके से अनुपालन नहीं किया गया।

2022 के विधानसभा चुनाव को दी गई थी चुनौती

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में श्री नैना देवी जी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल ठाकुर ने भाजपा प्रत्याशी रणधीर शर्मा के निर्वाचन को चुनौती देते हुए चुनाव याचिका दायर की थी। याचिका में मतगणना, पोस्टल बैलेट और कथित भ्रष्ट आचरण से संबंधित विभिन्न आरोप लगाए गए थे। न्यायालय के रिकॉर्ड के अनुसार विधानसभा चुनाव 12 नवंबर 2022 को हुआ था, जबकि मतगणना 8 दिसंबर 2022 को हुई थी।

मामले की सुनवाई के दौरान प्रतिवादी नंबर-1 रणधीर शर्मा की ओर से चुनाव याचिका में मौजूद वैधानिक कमियों को लेकर आपत्तियां उठाई गईं। मुख्य रूप से Representation of the People Act, 1951 की धारा 83(1), Conduct of Election Rules, 1961 के Rule 94A और निर्धारित Form 25 के अनुरूप हलफनामा दाखिल नहीं किए जाने का मुद्दा न्यायालय के समक्ष रखा गया।

26 सितंबर 2025 के आदेश में दिया गया था मौका

उच्च न्यायालय ने 26 सितंबर 2025 को पारित अपने पूर्व आदेश में पाया था कि याचिकाकर्ता की ओर से चुनाव याचिका के समर्थन में दिया गया हलफनामा निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुरूप नहीं था। इसके बाद न्यायालय ने रामलाल ठाकुर को कमी दूर करने के लिए 15 अक्टूबर 2025 तक नया हलफनामा दाखिल करने का अवसर दिया था।

न्यायालय ने उसी आदेश में स्पष्ट किया था कि यदि निर्धारित समय में आवश्यक अनुपालन नहीं किया गया तो चुनाव याचिका को Order VII Rule 11 CPC के तहत खारिज माना जाएगा।

नया हलफनामा दाखिल होने के बाद भी उठी आपत्ति

इसके बाद रामलाल ठाकुर की ओर से अक्टूबर 2025 में नया हलफनामा दाखिल किया गया। हालांकि, रणधीर शर्मा की ओर से इस हलफनामे पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई। उनकी ओर से कहा गया कि नया हलफनामा भी न्यायालय के आदेश और संबंधित वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप नहीं है।

अंतिम सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने निर्धारित Form 25 और याचिकाकर्ता की ओर से दाखिल हलफनामे का परीक्षण किया। अदालत ने पाया कि दाखिल हलफनामा Form 25 के अनुरूप नहीं है। इसके चलते Representation of the People Act, 1951 की धारा 83(1) और Conduct of Election Rules, 1961 के Rule 94A की अनिवार्य आवश्यकताओं का अनुपालन नहीं हुआ।

हलफनामे में बयानों को लेकर भी अदालत ने की टिप्पणी

अदालत ने यह भी नोट किया कि संबंधित कथनों को हलफनामे में एक स्थान पर याचिकाकर्ता के ज्ञान के आधार पर सत्य बताया गया, जबकि दूसरे स्थान पर उन्हीं कथनों को सूचना के आधार पर सत्य बताया गया। न्यायालय ने हलफनामे के निर्धारित प्रारूप और आवश्यक कानूनी अनुपालन के संदर्भ में इन पहलुओं पर विचार किया।

न्यायालय ने अपने निर्णय में यह भी दर्ज किया कि 26 सितंबर 2025 के आदेश को किसी भी पक्ष की ओर से चुनौती नहीं दी गई थी। इसलिए वह आदेश अंतिम रूप ले चुका था। अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि याचिकाकर्ता उस आदेश में दिए गए निर्देशों का अनुपालन करने में विफल रहा।

चुनाव याचिका खारिज, लंबित आवेदन भी निपटाए

इन्हीं आधारों पर उच्च न्यायालय ने रामलाल ठाकुर की चुनाव याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही मामले में लंबित सभी आवेदनों का भी निपटारा कर दिया गया।

इस फैसले के साथ वर्ष 2022 के श्री नैना देवी जी विधानसभा चुनाव में रणधीर शर्मा के निर्वाचन को लेकर दायर चुनाव याचिका हाईकोर्ट में समाप्त हो गई है। महत्वपूर्ण बात यह है कि अंतिम आदेश में अदालत ने चुनाव याचिका को हलफनामे से संबंधित वैधानिक और प्रक्रियात्मक अनुपालन न होने के आधार पर खारिज किया है।

भाजपा ने फैसले का किया स्वागत

भाजपा की ओर से कहा गया कि न्यायालय का निर्णय स्पष्ट करता है कि चुनाव याचिका को आगे बनाए रखने के लिए आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं और न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों का अनुपालन नहीं किया गया। पार्टी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावी विवादों का निर्णय कानून और न्यायालय के माध्यम से ही होता है तथा भाजपा न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं का पूर्ण सम्मान करती है।