त्योहारी सीजन से पहले प्याज के दाम में उछाल, कई शहरों में 50-60 रुपये किलो तक पहुंची कीमत
त्योहारी सीजन से पहले प्याज के दाम बढ़े, औसत खुदरा कीमत 40.72 रुपये किलो पहुंची। दिल्ली-NCR, मुंबई और कोलकाता में भाव 50-60 रुपये तक पहुंच गए।
➤ प्याज की औसत खुदरा कीमत 40.72 रुपये किलो तक पहुंची
➤ दिल्ली-NCR, मुंबई और कोलकाता में 50-60 रुपये किलो तक भाव
➤ खरीफ फसल की देरी और बढ़ती मांग से बिगड़ा मांग-सप्लाई का संतुलन
नई दिल्ली। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले आम लोगों की रसोई का बजट एक बार फिर बिगड़ने लगा है। पहले से ही चीनी की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों को अब प्याज की महंगाई ने भी चिंता में डाल दिया है। हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में प्याज की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। प्याज की औसत खुदरा कीमत 40.72 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जबकि दिल्ली-NCR, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े महानगरों में प्याज 50-60 रुपये प्रति किलो के रेट पर बिक रहा है। अचानक बढ़े दामों का सीधा असर आम आदमी की रसोई के बजट पर पड़ रहा है।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, भुवनेश्वर में प्याज की कीमतें कुछ ही दिनों में 25-30 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 55-60 रुपये प्रति किलो हो गई हैं। खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि सिर्फ दो दिनों में प्याज के दाम लगभग दोगुने हो गए हैं। प्याज जैसी रोजमर्रा की जरूरत की सब्जी के दाम में इतनी तेज बढ़ोतरी से घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।
एक महीने में करीब 17% बढ़े प्याज के दाम
एशिया की सबसे बड़ी प्याज मंडी महाराष्ट्र के लासलगांव में भी कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। यहां केवल एक सप्ताह के भीतर प्याज की थोक कीमतों में 30-42% तक की बढ़ोतरी हुई है। शुक्रवार, 21 अगस्त को प्याज की औसत खुदरा कीमत बढ़कर 40.79 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जबकि 21 जुलाई को यह कीमत 34.87 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
इस हिसाब से केवल एक महीने में प्याज की कीमत में करीब 17% की बढ़ोतरी हुई है। वहीं सालाना आधार पर तस्वीर और ज्यादा चिंताजनक है। 21 अगस्त 2025 को प्याज की औसत खुदरा कीमत 28.72 रुपये प्रति किलोग्राम थी। इसकी तुलना में पिछले एक साल के दौरान प्याज की कीमतों में 42% से भी ज्यादा का उछाल आया है।
प्रमुख शहरों में 50 रुपये के आसपास से ऊपर भाव
प्याज की बढ़ती कीमतों का असर देश के कई बड़े शहरों के बाजारों में दिखाई दे रहा है। खुदरा बाजार में अलग-अलग शहरों में प्याज के दाम अलग स्तर पर हैं।
| शहर | प्याज की खुदरा कीमत प्रति किलो |
|---|---|
| दिल्ली-NCR | 50-55 रुपये |
| मुंबई | 52-58 रुपये |
| कोलकाता | 55-60 रुपये |
| चेन्नई | 48-54 रुपये |
| बेंगलुरु | 45-52 रुपये |
| पटना | 48-55 रुपये |
इन शहरों के खुदरा बाजार में प्याज के भाव बढ़ने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। खास तौर पर त्योहारी सीजन से पहले जब घरों में खरीदारी और खाद्य सामग्री की मांग बढ़ती है, ऐसे समय में प्याज की कीमतों में अचानक आया उछाल घरेलू खर्च पर असर डाल रहा है।
लासलगांव और आजादपुर मंडी में भी बढ़े थोक भाव
थोक मंडियों में भी प्याज के दाम बढ़े हुए हैं। लासलगांव मंडी में प्याज का थोक भाव बढ़कर 3195 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल यानी 32-36 रुपये प्रति किलो हो गया है।
वहीं दिल्ली आजादपुर मंडी में अच्छी क्वॉलिटी के प्याज का थोक भाव 45-50 रुपये प्रति किलो के ऊपर चल रहा है। थोक बाजार में कीमतों में बढ़ोतरी का असर आगे खुदरा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को प्याज के लिए पहले की तुलना में ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।
खरीफ प्याज की आवक में देरी बनी बड़ी वजह
प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। भारत में देर से शुरू हुई बुआई के चलते खरीफ प्याज की नई फसलों की आवक में देरी हो रही है। बाजार में नई फसल की पर्याप्त आवक नहीं होने से सप्लाई पर दबाव बना हुआ है।
दूसरी तरफ त्योहारी सीजन के चलते प्याज की मांग तेजी से बढ़ी है। ऐसे में एक ओर नई फसल की आवक में देरी और दूसरी ओर बढ़ती मांग के कारण मांग और सप्लाई के बीच का अंतर गहरा गया है। यही अंतर प्याज की कीमतों में तेजी के रूप में दिखाई दे रहा है।
सितंबर से बफर स्टॉक उतारने की तैयारी
बढ़ती कीमतों के बीच खबरों के मुताबिक, आम जनता को प्याज की महंगाई से राहत देने के लिए सरकार सितंबर से अपने सुरक्षित बफर स्टॉक से प्याज को मंडियों में उतारने की योजना बना रही है। बफर स्टॉक से प्याज की उपलब्धता बढ़ने पर बाजार में सप्लाई का दबाव कम करने और कीमतों को राहत देने की कोशिश की जा सकती है।
फिलहाल प्याज की कीमतों में तेजी ने त्योहारी सीजन से पहले आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में नई खरीफ फसल की आवक और बाजार में उपलब्धता के साथ कीमतों की दिशा साफ होने की उम्मीद है।
Akhil Mahajan