हरियाणा के 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 60 किमी रफ्तार से चलेगी आंधी
हरियाणा के 10 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 6 जून तक पश्चिमी विक्षोभ के असर से तेज हवाएं और बारिश की संभावना है।
हरियाणा के 10 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी
50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है तेज आंधी
6 जून तक पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम रहेगा परिवर्तनशील
हरियाणा में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने करवट लेने के संकेत दिए हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है। बुधवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम और फरीदाबाद में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।
इसके अलावा सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह, पलवल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर और पंचकूला में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चल सकती हैं।
प्रदेश में गर्मी का असर भी लगातार बना हुआ है। बीते 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में औसतन 2.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रोहतक प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सिरसा में 42 डिग्री और हिसार में 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 6 जून तक दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेंगे। इनके आंशिक प्रभाव से प्रदेश में मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। इस दौरान आंशिक बादल छाने, हवा की दिशा बदलने और कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
उन्होंने बताया कि पहला पश्चिमी विक्षोभ 3 जून और दूसरा 4 जून को पहाड़ी क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से हरियाणा में मौसम में बदलाव की स्थिति बनी रहेगी।
डॉ. खीचड़ के अनुसार पंजाब के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है। इसके असर से 6 जून तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से तेज हवाएं चल सकती हैं। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी, हल्की बारिश और कुछ इलाकों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है।
हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और बादलों की गतिविधियों के बावजूद दिन के तापमान में फिलहाल किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च से 31 मई तक हरियाणा में 52.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 44.6 मिलीमीटर है। इस तरह प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। जून से सितंबर तक मानसून सीजन माना जाता है और अब आगे की बारिश पर पश्चिमी विक्षोभ तथा सर्कुलेशन सिस्टम का प्रभाव देखने को मिलेगा।
pooja