हरियाणा में बारिश और आंधी का अलर्ट, 17 जिलों में मौसम बिगड़ा 7 जिलों में बारिश
हरियाणा के कई जिलों में बारिश और आंधी का असर देखा जा रहा है। 17 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है, जबकि मंडियों में फसल भीगने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
■ हरियाणा के 7 जिलों में बारिश, 10 में ऑरेंज अलर्ट जारी
■ आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी, 2 दिन तक असर रहेगा
■ झज्जर मंडी में भीगी फसल, किसान तिरपाल से बचाते नजर आए
हरियाणा में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट लेते हुए लोगों को गर्मी से राहत तो दी, लेकिन किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। प्रदेश के हिसार, गुरुग्राम, करनाल, पानीपत, फरीदाबाद, पंचकूला और कैथल समेत कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने राज्य के 17 जिलों में बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जो अगले दो दिनों तक प्रभावी रहेगा।
अलर्ट वाले जिलों में सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, नारनौल, रेवाड़ी, नूंह, पलवल, गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर, रोहतक, सोनीपत, पानीपत और कैथल शामिल हैं।
ठंडी हवाओं के चलने से जहां आम लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं खेतों और मंडियों में पड़ी फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
मौसम के इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर किसानों पर देखने को मिल रहा है। झज्जर की मंडी में खुले में रखी गेहूं की फसल बारिश में भीग गई, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं रेवाड़ी में किसान अपनी ट्रालियों में रखे गेहूं को तिरपाल से ढकते नजर आए, ताकि फसल को खराब होने से बचाया जा सके। मंडियों में पर्याप्त इंतजाम न होने से किसानों को खुद ही अपनी फसल की सुरक्षा करनी पड़ रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अधिकतम तापमान फिलहाल सामान्य से नीचे बना हुआ है और कई जिलों में यह 31 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। बादलों की आवाजाही और बीच-बीच में बारिश के कारण तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हो रही है। वहीं आने वाले दिनों में तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में और गिरावट आ सकती है।
रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है, जो 14 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे रातें सुहावनी हो गई हैं।कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सावधान करते हुए सलाह दी है कि कटाई के बाद फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। सब्जियों और बागवानी फसलों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए कवर का इस्तेमाल करें और तेज हवाओं से खड़ी फसल को गिरने से बचाने के लिए जरूरी उपाय करें।
shubham