रेवाड़ी-महेंद्रगढ़ में आंधी के साथ तेज बारिश; सड़कों से अस्पताल तक भरा पानी
हरियाणा के रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में आंधी के साथ तेज बारिश हुई। रेवाड़ी में जलभराव से वाहन फंसे और सिविल अस्पताल में पानी घुस गया। मानसून 35% कमजोर है।
➤ रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में आंधी के साथ तेज बारिश, रेलवे रोड पर जलभराव में फंसे वाहन
➤ रेवाड़ी के सिविल अस्पताल में घुसा बारिश का पानी, 12 जिलों में बारिश की संभावना
➤ जुलाई के पहले पखवाड़े में हरियाणा का मानसून 35% कमजोर, सिरसा में 77% कम बारिश
हरियाणा में मंगलवार शाम मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में आंधी के साथ तेज बारिश हुई। रेवाड़ी में शाम करीब साढ़े चार बजे मौसम बदला और कुछ ही देर में तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से जहां गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं शहर के कई इलाकों में जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। रेलवे रोड पर पानी जमा होने से कई कारें और बाइकें फंस गईं, जबकि रेवाड़ी सिविल अस्पताल परिसर में भी बारिश का पानी घुस गया।
महेंद्रगढ़ जिले के अटेली क्षेत्र में भी तेज बारिश दर्ज की गई। महासर गांव सहित आसपास के इलाकों में बारिश से मौसम सुहावना हो गया। दूसरी ओर, फरीदाबाद में बादल छाए रहे और बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे पहले सुबह सोनीपत में भी बारिश हुई थी।
रेवाड़ी के रेलवे रोड पर जलभराव, सिविल अस्पताल में भी घुसा पानी
रेवाड़ी में तेज बारिश के बाद शहर की जल निकासी व्यवस्था एक बार फिर प्रभावित दिखाई दी। रेलवे रोड पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ और कई वाहन पानी के बीच फंस गए। बाइक सवारों और कार चालकों को जलभराव के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश का असर सिविल अस्पताल में भी दिखाई दिया, जहां परिसर में पानी घुस गया। अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्थान में जलभराव ने निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, बारिश ने लंबे समय से उमस और गर्मी झेल रहे लोगों को राहत भी दी।
महेंद्रगढ़ के अटेली क्षेत्र में बरसे बादल, महासर गांव में तेज बारिश
महेंद्रगढ़ जिले में भी मंगलवार शाम मौसम ने करवट ली। अटेली क्षेत्र के महासर गांव और आसपास के इलाकों में तेज बारिश हुई। दक्षिण हरियाणा के कई हिस्सों में इस मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है, ऐसे में बारिश ने किसानों और आम लोगों को राहत दी।
हालांकि, राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में मानसून की बारिश का कुल आंकड़ा अभी भी सामान्य स्तर से पीछे बना हुआ है।
गुरुग्राम से जींद तक 12 जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ ने हरियाणा के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। इनमें गुरुग्राम, नूंह, पलवल, फरीदाबाद, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, रोहतक, चरखी दादरी, भिवानी, हांसी और जींद शामिल हैं।
इन इलाकों में बादल छाने और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। फरीदाबाद में भी बादल छाए हुए हैं, जिससे बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं, मंगलवार सुबह सोनीपत में बारिश दर्ज की गई।
जुलाई के पहले पखवाड़े में 35% कमजोर रहा मानसून
हरियाणा में बारिश की स्थानीय गतिविधियां बढ़ने के बावजूद मानसून का कुल प्रदर्शन अभी कमजोर बना हुआ है। जुलाई के इस पखवाड़े तक राज्य में सामान्य तौर पर करीब 65 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक लगभग 42 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
इस हिसाब से राज्य में जुलाई के इस पखवाड़े तक बारिश सामान्य से करीब 35 प्रतिशत कम रही है। हालांकि, राज्य के सभी जिलों में मानसून की स्थिति एक जैसी नहीं है। उत्तर हरियाणा में अच्छी बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में कमी बनी हुई है।
उत्तर हरियाणा पर मेहरबान मानसून, यमुनानगर में सामान्य से अधिक बारिश
उत्तर हरियाणा के जिलों में मानसून का प्रदर्शन बेहतर रहा है। यमुनानगर में सामान्य 95 मिलीमीटर के मुकाबले करीब 110 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग 15 प्रतिशत अधिक है।
इसी तरह अंबाला में 105 मिलीमीटर और पंचकूला में 98 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इन जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य औसत से अधिक रहा है।
सिरसा में 77% कम बारिश, पश्चिमी-दक्षिणी हरियाणा अब भी इंतजार में
इसके विपरीत पश्चिमी और दक्षिणी हरियाणा में मानसून की बेरुखी बनी हुई है। सिरसा में सामान्य 35 मिलीमीटर के मुकाबले अब तक केवल 8 मिलीमीटर बारिश हुई है। यानी जिले में बारिश सामान्य से करीब 77 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।
फतेहाबाद में सामान्य से करीब 60 प्रतिशत कम और लगभग 12 मिलीमीटर बारिश हुई है। हिसार में करीब 18 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से लगभग 55 प्रतिशत कम है। इसके अलावा भिवानी और महेंद्रगढ़ में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है।
मंगलवार को रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में हुई बारिश ने दक्षिण हरियाणा के कुछ हिस्सों को राहत जरूर दी है, लेकिन पूरे मानसून सीजन की कमी पूरी होने के लिए आने वाले दिनों में लगातार और व्यापक बारिश की जरूरत रहेगी।
Akhil Mahajan