चलती ट्रेन से 3 करोड़ का सोना चोरी, राजस्थान में मंदिर के पास जमीन में गाड़े मिले 2 करोड़ के जेवर; 3 आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली-भटिंडा ट्रेन से 3 करोड़ के सोने की चोरी का खुलासा हुआ। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर राजस्थान में जमीन से 2 करोड़ के जेवर बरामद किए।
➤ जाखल स्टेशन पर पानी लेने उतरा था डिलीवरी कर्मचारी, चंद पलों में ट्रेन से गायब हो गया 3 करोड़ के जेवरों से भरा बैग
➤ दो महीने की रेकी के बाद वारदात को दिया अंजाम, कंपनी का पूर्व कर्मचारी जानता था सोने की सप्लाई और ट्रांसपोर्ट का पूरा सिस्टम
➤ हरियाणा पुलिस की SIT और नवलगढ़ पुलिस ने 3 आरोपियों को दबोचा, जमीन खोदकर निकाले करीब 2 करोड़ के सोने के आभूषण
हरियाणा/झुंझुनूं। किसी फिल्मी कहानी जैसी लगने वाली चलती ट्रेन से 3 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण चोरी की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। दिल्ली-भटिंडा रेल मार्ग पर एक एक्सप्रेस ट्रेन से करोड़ों के जेवरों से भरा बैग गायब करने के मामले में हरियाणा पुलिस की SIT और राजस्थान के झुंझुनूं जिले की नवलगढ़ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऋषभ, गोविंद और बबलू नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले का सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने नवलगढ़ के कल्याणपुरा इलाके में एक मंदिर के पास स्थित जोहड़ की जमीन खुदवाई और उसके भीतर गाड़कर छिपाए गए करीब 2 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण बरामद कर लिए। पुलिस अब बाकी करीब एक करोड़ रुपये के जेवरों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
यह वारदात 10 जून 2026 को हुई थी। करौली जिले का रहने वाला नरेंद्र एक निजी लॉजिस्टिक कंपनी के लिए सोने के आभूषणों की डिलीवरी का काम करता है। वह दिल्ली से करीब 3 करोड़ रुपये के सोने के जेवरों से भरा बैग लेकर दिल्ली-भटिंडा ट्रेन से रवाना हुआ था। ट्रेन के हरियाणा के जाखल रेलवे स्टेशन पर रुकने के दौरान नरेंद्र पानी की बोतल खरीदने के लिए नीचे उतरा। इसी दौरान पहले से मौके की तलाश में बैठे बदमाशों ने उसकी सीट पर रखा करोड़ों के जेवरों से भरा बैग गायब कर दिया।
पानी की एक बोतल लेने उतरा कर्मचारी, लौटते ही गायब था 3 करोड़ का बैग
नवलगढ़ थाना प्रभारी अजय सिंह के मुताबिक, नरेंद्र जब पानी की बोतल लेकर वापस ट्रेन में पहुंचा तो उसकी सीट पर रखा बैग गायब था। बैग में करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बताए गए थे।
करोड़ों के सोने से भरा बैग इतनी तेजी से गायब हुआ कि शुरुआत में किसी को समझ ही नहीं आया कि आखिर वारदात को किसने और कैसे अंजाम दिया। इसके बाद जींद जीआरपी थाने में चोरी का मामला दर्ज किया गया।
वारदात की गंभीरता और चोरी हुए माल की कीमत को देखते हुए जांच के लिए विशेष SIT गठित की गई। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों की पहचान करने के साथ चोरी किए गए करोड़ों रुपये के सोने तक पहुंचने की थी।
मोबाइल लोकेशन और CCTV फुटेज से जुड़ती गई कड़ियां, राजस्थान तक पहुंची जांच
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और CCTV फुटेज को खंगाला गया। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर मुखबिरों से भी जानकारी जुटाई गई। जांच की कड़ियां धीरे-धीरे राजस्थान के झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ क्षेत्र तक पहुंचीं।
मामले की जानकारी मिलने के बाद झुंझुनूं पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत और वृत्ताधिकारी सुगन सिंह के सुपरविजन में नवलगढ़ थाना पुलिस ने हरियाणा पुलिस की SIT के साथ संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया।
पुलिस टीमों ने तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर 7 और 10 जुलाई को संयुक्त अभियान चलाया। इसके बाद नवलगढ़ क्षेत्र में दबिश देकर तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
दो महीने तक की थी रेकी, कंपनी का पूर्व कर्मचारी बना वारदात की अहम कड़ी
पुलिस जांच में सामने आया कि यह चोरी अचानक मिले किसी मौके का नतीजा नहीं थी। आरोपियों ने कथित तौर पर करीब दो महीने तक रेकी करने के बाद पूरी योजना तैयार की थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक व्यक्ति पहले उसी कंपनी में काम कर चुका था, जिसके जरिए सोने के आभूषणों की डिलीवरी की जा रही थी। इस कारण उसे कंपनी के गहनों की सप्लाई, पैकिंग और ट्रांसपोर्ट के पूरे सिस्टम की जानकारी थी।
उसे कथित तौर पर यह भी पता था कि सोने के जेवर किस तरह एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाए जाते हैं। पुलिस का मानना है कि इसी अंदरूनी जानकारी का फायदा उठाकर आरोपियों ने डिलीवरी कर्मचारी की गतिविधियों पर नजर रखी और सही मौके का इंतजार किया।
जाखल रेलवे स्टेशन पर जैसे ही नरेंद्र पानी लेने के लिए ट्रेन से नीचे उतरा, आरोपियों को मौका मिल गया और करोड़ों के सोने से भरा बैग गायब कर दिया गया।
चोरी के बाद आपस में बांटे जेवर, अलग-अलग स्थानों पर छिपाया माल
पुलिस जांच के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने चोरी किए गए सोने के आभूषणों का आपस में बंटवारा किया। इसके बाद माल को नवलगढ़ क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर छिपाने की योजना बनाई गई।
आरोपियों ने कथित तौर पर ऐसा ठिकाना चुना, जहां पुलिस के पहुंचने की संभावना बेहद कम हो। करोड़ों रुपये के जेवरों को किसी मकान, दुकान, बैंक लॉकर या रिश्तेदार के घर में रखने के बजाय जमीन के भीतर दबा दिया गया।
पुलिस की पूछताछ आगे बढ़ी तो चोरी के सोने को छिपाने का ऐसा ठिकाना सामने आया, जिसने जांच टीम को भी चौंका दिया।
मंदिर के पास जोहड़ की जमीन खुदवाई तो निकला करोड़ों का सोना
नवलगढ़ थाना प्रभारी अजय सिंह के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि चोरी के जेवरात नवलगढ़ के कल्याणपुरा इलाके में एक मंदिर के पास स्थित जोहड़ की जमीन के भीतर छिपाए गए हैं।
आरोपियों ने वहां गड्ढा खोदकर करोड़ों के सोने के आभूषण गाड़ दिए थे। निशानदेही के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जमीन की खुदाई करवाई।
खुदाई के दौरान जमीन के भीतर से करीब 2 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद हुए। इस बरामदगी के साथ ही ट्रेन में हुई करोड़ों की चोरी और राजस्थान में छिपाए गए माल के बीच की पूरी कड़ी पुलिस के सामने खुल गई।
चोरी हरियाणा में चलती ट्रेन में हुई थी, लेकिन उसका बड़ा हिस्सा सैकड़ों किलोमीटर दूर राजस्थान के झुंझुनूं जिले की जमीन के भीतर छिपाया गया था।
ऋषभ, गोविंद और बबलू गिरफ्तार; बाकी एक करोड़ के जेवरों की तलाश जारी
नवलगढ़ पुलिस के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल ट्रेन गोल्ड चोरी मामले में ऋषभ, गोविंद और बबलू नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस तीनों से गहन पूछताछ कर रही है।
अब तक करीब 2 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण बरामद किए जा चुके हैं, जबकि चोरी हुए बाकी करीब एक करोड़ रुपये के जेवरों की बरामदगी अभी बाकी है।
पुलिस को आशंका है कि इस वारदात में अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। ऐसे में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के दूसरे संभावित सदस्यों की पहचान की जा रही है और अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने जल्द अमीर बनने की चाह में पूरी योजना बनाकर इस हाई-प्रोफाइल चोरी को अंजाम दिया। अब जांच का फोकस बाकी सोने की बरामदगी, अन्य संभावित आरोपियों की गिरफ्तारी और वारदात की पूरी साजिश का खुलासा करने पर है।
Akhil Mahajan