जीवन कुंडू का आज अंतिम संस्कार, 15 दिन बाद पहुंचा पार्थिव शरीर, उमड़ी भीड़

हिसार के जीवन कुंडू का 15 दिन बाद गांव किनाला में अंतिम संस्कार होगा। 9 आरोपी गिरफ्तार हैं, जबकि मुख्य आरोपी पर 50 हजार का इनाम घोषित है

जीवन कुंडू का आज अंतिम संस्कार, 15 दिन बाद  पहुंचा पार्थिव शरीर, उमड़ी भीड़

15 दिन बाद पैतृक गांव किनाला में होगा जीवन कुंडू का अंतिम संस्कार
11 वर्षीय बेटा निभाएगा अंतिम संस्कार की रस्म, बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान नेता पहुंचे
9 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी रमेश शर्मा पर 50 हजार रुपये का इनाम और लुकआउट सर्कुलर जारी

जीवन कुंडू हत्याकांड को लेकर लघु सचिवालय पर पिछले दिनों हुई थी महापंचायत। - Dainik Bhaskar

हिसार के जीवन कुंडू हत्याकांड में 15 दिन बाद मंगलवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से जीवन कुंडू का पार्थिव शरीर एंबुलेंस के जरिये उनके पैतृक गांव किनाला पहुंचाया गया है। यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण और अन्य लोग अंतिम विदाई देने के लिए पहुंच रहे हैं। जीवन कुंडू के 11 वर्षीय बेटे द्वारा अंतिम संस्कार की रस्म निभाई जाएगी।

गांव किनाला में जीवन कुंडू के घर के बाहर उमड़ी भीड़।

जीवन कुंडू के अंतिम संस्कार में खाप पंचायतों, पंचग्रामी पंचायतों, किसान नेताओं और ग्रामीणों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। गांव में उनके घर के बाहर भी बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं।

जीवन कुंडू हत्याकांड को लेकर पिछले दिनों लघु सचिवालय पर महापंचायत हुई थी। सरकार ने सोमवार को जीवन कुंडू न्याय संघर्ष समिति की सभी मांगें मान ली थीं। इसके बाद गुरुग्राम की भोंडसी जेल में बंद किसान नेताओं की रिहाई हुई और लघु सचिवालय से धरना भी उठा दिया गया।

सरकार की ओर से जीवन कुंडू के परिवार को आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने और मुख्य आरोपी रमेश अत्री की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया। इन आश्वासनों के बाद परिवार ने सहमति जताई। इस पूरे मामले में बीजेपी के पूर्व प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया ने मध्यस्थता की। उनके साथ कमेटी के सदस्य भी चंडीगढ़ गए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने परिवार की हर संभव मदद करने की बात कही।

अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़

गांव किनाला में जीवन कुंडू के अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में लोग पहुंच चुके हैं। परिवार को अंतिम विदाई देने के लिए ग्रामीणों के साथ खाप पंचायतों, पंचग्रामी पंचायतों और किसान संगठनों से जुड़े लोग भी पहुंचे हैं।

जीवन कुंडू की हत्या के बाद से ही मामले में न्याय की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा था। सरकार की ओर से मांगें माने जाने और किसान नेताओं की रिहाई के बाद लघु सचिवालय पर चल रहा धरना समाप्त कर दिया गया था।

गांव किनाला में जीवन कुंडू के घर के बाहर उमड़ी भीड़।

9 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर 50 हजार का इनाम

हिसार पुलिस अब तक मामले में 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें भानु कुमार, गजेंद्र उर्फ गज्जू पंडित और साहिल समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। वहीं मुख्य आरोपी रमेश शर्मा अभी फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है।

SP सिद्धांत जैन ने बताया कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 10 टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। आरोपी देश छोड़कर फरार न हो सके, इसके लिए उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया है।

पुलिस की ओर से पीड़ित परिवार को सुरक्षा भी दी गई है। परिवार के पुनर्वास के लिए रोजगार का आवेदन भी कराया गया है।

4 अगस्त की सुबह हुआ था जानलेवा हमला

जीवन कुंडू पर 4 अगस्त की सुबह करीब साढ़े 5 बजे सूर्यनगर इलाके में पड़ोसियों ने हमला किया था। वह बाइक पर ट्रॉली लगाकर गोबर डालने जा रहा था। इसी दौरान पड़ोस के करीब 10-12 युवकों ने उसे घेर लिया और लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया।

आरोप है कि हमलावरों ने जीवन को तब तक पीटा, जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल जीवन को परिजन पास के अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मौत से पहले का वीडियो आया था सामने

जीवन कुंडू का मौत से पहले का 1 मिनट 12 सेकेंड का वीडियो भी सामने आया था। वीडियो में उसके दोनों पैरों पर गहरे चोट के निशान दिखाई दे रहे थे।

वीडियो में जीवन ने बताया था कि पड़ोसी रमेश और उसके साथ 15-20 युवक थे। उसने मोल्हड़ नाम के एक युवक का भी जिक्र किया था। जीवन ने कहा था कि आरोपियों ने उसे पूरी तरह पीट दिया और उसकी टांग तोड़ दी।

इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ गया था और परिवार को न्याय दिलाने की मांग तेज हुई थी।

गोबर डालने को लेकर शुरू हुआ था विवाद

जीवन कुंडू की सूर्यनगर की गली नंबर-5 में डेयरी थी। करीब डेढ़ महीने पहले उसका पड़ोसी रमेश से गोबर डालने को लेकर विवाद हुआ था। जीवन रोजाना गोबर लेकर रेलवे लाइन के पास डालने जाता था। इसी बात को लेकर रमेश से उसका विवाद हुआ था।

इसके कुछ दिन बाद जीवन अपनी डेयरी में खोर (हौद) बनवा रहा था। इस दौरान भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया था। आरोप है कि इस दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हुई और रमेश पक्ष के लोगों ने जीवन की पत्नी अमन पर बरछी से हमला कर दिया था।

इस मामले में पुलिस ने रमेश के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद 4 अगस्त को जीवन पर हुए हमले और उसकी मौत ने विवाद को गंभीर रूप दे दिया।

अब जीवन कुंडू का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव किनाला में किया जा रहा है। परिवार और ग्रामीणों के बीच जहां अंतिम विदाई का माहौल है, वहीं मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर लोगों की नजर पुलिस की कार्रवाई पर भी बनी हुई है।