शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर 2.50 करोड़ की साइबर ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार

कैथल में शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का झांसा देकर सेवानिवृत्त कर्मचारी से 2.50 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।

शेयर मार्केट में मुनाफे का झांसा देकर 2.50 करोड़ की साइबर ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार
  • शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का झांसा देकर सेवानिवृत्त कर्मचारी से 2.50 करोड़ रुपये की साइबर ठगी
  • कैथल साइबर क्राइम थाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बहराइच से तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
  • एक आरोपी को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया, दो न्यायिक हिरासत में भेजे गए

कैथल। शेयर मार्केट में निवेश पर भारी मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 2 करोड़ 50 लाख 51 हजार 597 रुपये की साइबर ठगी के मामले में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक आरोपी को पूछताछ के लिए पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों को अदालत के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

जिला पुलिस द्वारा लगातार लोगों को साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं, एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के निर्देश पर साइबर ठगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई भी की जा रही है। इसी अभियान के तहत पुलिस को इस बड़े साइबर फ्रॉड मामले में सफलता मिली है।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, शिकायतकर्ता कैथल निवासी शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उन्होंने फेसबुक पर शेयर मार्केट में निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए लिंक के माध्यम से वह एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े, जहां खुद को निवेश सलाहकार बताने वाले लोगों ने उन्हें अधिक मुनाफे का लालच दिया।

आरोपियों ने शिकायतकर्ता को एसबीआई सिक्योरिटीज के नाम से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट पर वर्चुअल वॉलेट बनवाया और वीडियो केवाईसी कराकर उनका विश्वास जीत लिया। शुरुआत में 1 सितंबर 2025 को शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये निवेश करवाए गए। भरोसा कायम रखने के लिए आरोपियों ने उनके खाते में 1 हजार रुपये वापस भी भेज दिए।

इसके बाद आरोपियों ने लगातार भारी मुनाफे का लालच देकर शिकायतकर्ता से अलग-अलग बैंक खातों में चरणबद्ध तरीके से करोड़ों रुपये ट्रांसफर करवा लिए। फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर उनके वर्चुअल वॉलेट में करोड़ों रुपये का काल्पनिक लाभ दिखाया जाता रहा, जिससे वह लगातार निवेश करते रहे।

जब शिकायतकर्ता ने अपनी राशि निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने फर्जी एसबीआई सिक्योरिटीज की रसीद भेजकर कंपनी कमीशन के नाम पर भी लाखों रुपये जमा करवा लिए। इसके बावजूद कोई राशि वापस नहीं मिली। बाद में बैंक से जानकारी लेने पर शिकायतकर्ता को अपने साथ हुई साइबर ठगी का पता चला। आरोपियों ने अलग-अलग तिथियों में कुल 2,50,51,597 रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

शिकायत मिलने के बाद थाना साइबर क्राइम, कैथल में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान एसएचओ एसआई रणदीप सिंह की टीम ने उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के गांव मीरपुर कोनिया निवासी संजय कुमार, सतरोहन कुमार तथा गांव अंबापुर निवासी दलीप को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर ठगी में संजय कुमार और सतरोहन कुमार के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था। वहीं आरोपी दलीप ने दोनों आरोपियों से बैंक खाते लेकर कमीशन के बदले अन्य साइबर ठगों को उपलब्ध कराए थे। पुलिस ने दलीप का पांच दिन का रिमांड हासिल कर लिया है और उससे पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जा रही है। वहीं अन्य दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।