शमशान भूमि कब्ज़ा विवाद को लेकर भीम सेना प्रमुख ने कहा श्मशान की एक भी ईंट नहीं हटने देंगे, चाहे जान की कुर्बानी ही क्यों न देनी पड़े

गुरुग्राम के खांडसा गांव में श्मशान भूमि को लेकर विवाद बढ़ गया। भीम सेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर ने इसकी सुरक्षा की कसम खाई। आज कोर्ट में स्टे की सुनवाई होगी।

शमशान भूमि कब्ज़ा विवाद को लेकर भीम सेना प्रमुख ने कहा श्मशान की एक भी ईंट नहीं हटने देंगे, चाहे जान की कुर्बानी ही क्यों न देनी पड़े

➤ गुरुग्राम के खांडसा गांव में श्मशान भूमि पर कब्जे को लेकर विवाद
➤ भीम सेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर ने श्मशान की रक्षा की कसम खाई
➤ ग्राम पंचायत ने विरोध जताया, कोर्ट में स्टे की सुनवाई आज

गुरुग्राम के खांडसा गांव में श्मशान भूमि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शनिवार और रविवार को नगर निगम की टीम ने श्मशान भूमि पर कब्जा दिलवाने के लिए कार्रवाई शुरू की, लेकिन ग्रामीणों और भीम सेना के विरोध के चलते वे पीछे हटने को मजबूर हो गए। भीम सेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर ने साफ शब्दों में कहा कि श्मशान भूमि की एक भी ईंट नहीं हटने दी जाएगी, चाहे इसके लिए जान की कुर्बानी क्यों न देनी पड़े।

गुरुग्राम के खांडसा गांव में इसी श्मशान में कब्जे को लेकर ग्रामीणों का विरोध खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों ने श्मशान भूमि को लेकर अपना पक्ष रखते हुए कोर्ट का रुख किया है। आज कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी। ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान की यह जमीन करोड़ों की है और कुछ लोगों की नीयत संदेहास्पद है। ग्राम पंचायत की बैठक में भीम सेना प्रमुख नवाब सतपाल तंवर, क्षेत्रीय पार्षद अवनीश राघव उर्फ रिंकू समेत अन्य ग्रामीण शामिल हुए और उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि किसी भी हालत में श्मशान भूमि को तोड़ने नहीं दिया जाएगा।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, नगर निगम अधिकारियों ने पटवारी व तहसीलदार के साथ पैमाइश के लिए कार्रवाई की योजना बनाई थी। चर्चा थी कि कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह और जीएमडीए के डीटीपी आरएस बाठ सख्त कदम उठाने वाले थे। इसी दौरान ग्रामीण एकजुट होकर आंदोलन में शामिल हो गए।

पार्षद अवनीश राघव ने बताया कि हाईवे निर्माण के दौरान एनएचएआई द्वारा श्मशान भूमि के मालिकों को मुआवजा भी दिया जा चुका है। अब कुछ लोग मुआवजा लेकर श्मशान भूमि को अपनी बताकर पुनः कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। नगर निगम के खिलाफ भी एक व्यक्ति ने कोर्ट में केस किया था, जिसमें कोर्ट ने कब्जा दिलाने का आदेश दिया। इसके विरोध में ग्रामीणों ने स्टे की अपील की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह श्मशान धार्मिक, आस्था और जन भावनाओं से जुड़ा हुआ स्थान है। वे इसे किसी भी हाल में अनधिकृत कब्जे से बचाएंगे। फिलहाल जीएमडीए और एमसीजी के अधिकारी इस मुद्दे पर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।