सोनीपत में 18 एकड़ की 3 अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर

सोनीपत के खरखौदा में डीटीपी विभाग ने 18 एकड़ भूमि पर विकसित हो रही तीन अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त किया। 20 बिजली खंभे और 10 डीपीसी भी तोड़ी गईं।

सोनीपत में 18 एकड़ की 3 अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर

खरखौदा में 18 एकड़ भूमि पर विकसित हो रही 3 अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर

कच्चे रास्ते, बिजली के खंभे और 10 डीपीसी ध्वस्त किए गए

डीटीपी ने चेतावनी दी, अवैध कॉलोनी काटने वालों पर FIR भी होगी

सोनीपत जिले के खरखौदा क्षेत्र में जिला नगर योजनाकार (DTP) विभाग ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 18 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही तीन अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान बुलडोजर की मदद से कॉलोनियों में किए गए निर्माणों को हटाया गया।

बुधवार को की गई इस कार्रवाई में विभाग की टीम ने कॉलोनियों के अंदर बनाए गए कच्चे रास्तों, बिजली के खंभों और अन्य अवैध निर्माणों को तोड़ दिया। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।

डीटीपी अजमेर सिंह ने बताया कि जिले में अवैध कॉलोनियों और अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में खरखौदा के रोहतक रोड बाईपास के निकट विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी तथा एनएच-334बी के किनारे बनाई जा रही दो अन्य अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की गई।

विभागीय टीम ने कॉलोनियों में बनाए गए कच्चे रास्तों को पूरी तरह उखाड़ दिया। इसके अलावा करीब 20 बिजली के खंभों को गिराया गया और 10 डीपीसी (Damp Proof Course) भी तोड़ दी गईं, ताकि आगे निर्माण कार्य न हो सके।

डीटीपी अजमेर सिंह ने स्पष्ट कहा कि बिना विभागीय स्वीकृति के विकसित की जा रही कॉलोनियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में लगातार निगरानी की जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

उन्होंने बताया कि विभाग ने अवैध निर्माणों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमों का गठन किया हुआ है। ये टीमें क्षेत्र में लगातार मॉनिटरिंग करती हैं और अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है।

डीटीपी ने यह भी कहा कि अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों के खिलाफ केवल तोड़फोड़ की कार्रवाई ही नहीं, बल्कि एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

साथ ही उन्होंने आम लोगों को सलाह दी कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। अवैध कॉलोनियों में सरकार की ओर से सड़क, पेयजल, सीवरेज और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, जिससे लोगों की जमा-पूंजी जोखिम में पड़ सकती है।