कॉकरोच जनता पार्टी ने खत्म किया आंदोलन, बोली- तीनों मांगें पूरी; जंतर-मंतर से घर लौटें प्रदर्शनकारी

कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन समाप्त कर दिया। संगठन ने दावा किया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों पर केस वापसी और मुआवजे सहित तीनों मांगें पूरी हो चुकी हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी ने खत्म किया आंदोलन, बोली- तीनों मांगें पूरी; जंतर-मंतर से घर लौटें प्रदर्शनकारी

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन समाप्त करने का ऐलान किया
प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों की वापसी और मुआवजे की मांग पूरी होने का दावा
जंतर-मंतर पर जश्न, छात्र एकता के नारे और राष्ट्रगान के साथ आंदोलन का समापन


नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार को अपना आंदोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया। पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से घर लौटने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन की तीनों प्रमुख मांगें पूरी हो चुकी हैं। संगठन का कहना है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों की वापसी और प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिए जाने की मांग पूरी होने के बाद आंदोलन समाप्त किया जा रहा है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ के बाद जंतर-मंतर पर लोग जश्न मनाने लगे।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रदर्शनकारियों ने "छात्र एकता जिंदाबाद" के नारे लगाए, राष्ट्रगान गाया और नीट पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों की स्मृति में दो मिनट का मौन भी रखा।

जश्न के दौरान साथियों ने अभिजीत दीपके को कंधे पर बैठा लिया।

इधर, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत जारी रही। बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह तथा संगठन की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका शामिल रहे। बैठक के बाद आंदोलन समाप्त करने की औपचारिक घोषणा की गई।

दीपके के पास फोन आया कि प्रधान का इस्तीफा हो गया है, तो वे खुशी के मारे घुटनों पर बैठ गए।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन ने अपना उद्देश्य हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि लोग कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन जनदबाव के आगे सरकार को झुकना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं था, बल्कि अन्य मांगों को लेकर भी संघर्ष किया गया।