डेयरी संचालक से 3.63 लाख की साइबर ठगी

कुरुक्षेत्र में एक डेयरी संचालक से NIT का सैनिक बनकर साइबर ठग ने 60 लीटर दूध सप्लाई का झांसा देकर फोन पे ऐप के जरिए 3.63 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने साइबर थाना में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डेयरी संचालक से 3.63 लाख की साइबर ठगी

➤ 60 लीटर दूध सप्लाई का झांसा देकर बनाया शिकार
➤ फोन पे के More ऑप्शन में ले जाकर करवाई ट्रांजैक्शन
➤ खाते से 3.63 लाख कटते ही साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत


हरियाणा के Kurukshetra जिले में एक डेयरी संचालक साइबर ठगी का शिकार हो गया। ठग ने खुद को NIT का सैनिक बताकर पहले 60 लीटर दूध की सप्लाई का ऑर्डर दिया और फिर ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर बातों में उलझाकर उसके खाते से 3.63 लाख रुपये निकलवा लिए।

बहादुरपुरा निवासी गुरनाम दास ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी झांसा रोड पर दूध की डेयरी है। एक युवक उसकी डेयरी पर आता-जाता था, हालांकि वह उसका नाम नहीं जानता था। कुछ दिन पहले उस युवक ने उससे उधार पैसे मांगे, लेकिन गुरनाम ने मना कर दिया।

उसी शाम उसके मोबाइल पर एक वॉट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को NIT कुरुक्षेत्र का सैनिक बताया और कहा कि NCC के बच्चों के लिए रोजाना 60 लीटर दूध की जरूरत है। उसने एक महीने तक सप्लाई का प्रस्ताव रखा और दूध का भाव भी तय कर लिया।

अगले दिन गुरनाम ने उसी नंबर पर संपर्क किया और दूध पहुंचाने का पता पूछा। इस पर कॉलर ने पहले पेमेंट करने की बात कही। उसने डेयरी संचालक को मोबाइल में फोन पे ऐप खोलने को कहा और More ऑप्शन में जाकर पेमेंट ऐड करने को कहा।

ठग ने बड़ी चालाकी से उसे निर्देश दिए और जैसे ही गुरनाम ने ऐप के अंदर अपना पिन डाला, उसके खाते से लगातार ट्रांजैक्शन शुरू हो गईं।

खाते से उड़ गए 3.63 लाख

कुछ ही क्षणों में उसके बैंक खाते से कुल 3.63 लाख रुपये कट गए। पैसे कटने के मैसेज आते ही उसे ठगी का एहसास हुआ। उसने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने साइबर थाना कुरुक्षेत्र में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध नंबर और ट्रांजैक्शन डिटेल्स के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।

बढ़ते साइबर अपराध से सावधान रहने की जरूरत

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर ठग अब नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉलर के कहने पर मोबाइल ऐप में कोई भी ऑप्शन न खोलें और न ही अपना ओटीपी या पिन साझा करें।