कुरुक्षेत्र हाईवे हादसे में NRI गुरदीप सिंह की मौत, कंपनियों पर केस
कुरुक्षेत्र के NH-152 पर गड्ढे से बचते वक्त हुए हादसे में जर्मनी से आए NRI गुरदीप सिंह की मौत हो गई। परिवार ने सड़क निर्माण और सुपरविजन कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
■ हिसार-चंडीगढ़ NH-152 पर गड्ढे से बचते वक्त हुआ हादसा, NRI की मौत
■ परिवार ने सड़क निर्माण व सुपरविजन कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया
■ इस्माइलाबाद थाने में BNS धारा 106 के तहत केस दर्ज
हरियाणा के Kurukshetra जिले में हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-152 पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक प्रवासी भारतीय परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। जलबेहड़ा गांव के पास हुए इस एक्सीडेंट में जर्मनी से आए 60 वर्षीय NRI गुरदीप सिंह की मौत हो गई। अब परिवार ने इस हादसे के लिए सड़क निर्माण और सुपरविजन कंपनी को जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस में शिकायत दी है।
मृतक के बेटे विक्रमजीत सिंह ने आरोप लगाया कि हाईवे पर बने गड्ढे को समय रहते ठीक नहीं किया गया। यही लापरवाही उनके पिता की जान ले गई। उन्होंने कहा कि यह कंपनी अधिकारियों की सरासर लापरवाही है, जिसकी कीमत उनके परिवार को चुकानी पड़ी।
परिवार के अनुसार, 23 फरवरी को गांव के पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह के निधन के बाद अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गुरदीप सिंह अपने बेटे के साथ जर्मनी से भारत आए थे। 24 फरवरी को वे दिल्ली पहुंचे और 25 फरवरी को संस्कार में शामिल हुए। संस्कार के बाद गुरदीप सिंह अपने रिश्तेदार जगविंदर के साथ बाइक से पटियाला जिले के गांव न्यायदमपुर स्थित ससुराल गए। वहां से स्कॉर्पियो (HR-41J-4212) लेकर घर लौट रहे थे।
शाम करीब 6 बजे Ismailabad पार करते हुए गुरुद्वारा साहिब के सामने हाईवे-152 पर सड़क में गहरा गड्ढा आया। गड्ढे से बचने की कोशिश में गाड़ी अनियंत्रित हो गई और साइड में बने पुलिया के ब्लॉक से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वाहन करीब 90 डिग्री घूम गया। गुरदीप सिंह को गंभीर अंदरूनी और बाहरी चोटें आईं।
राहगीरों ने तुरंत उन्हें और जगविंदर को वाहन से बाहर निकाला और पिहोवा के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद गुरदीप सिंह को मृत घोषित कर दिया, जबकि जगविंदर को मामूली चोटों के साथ इलाज दिया जा रहा है।
विक्रमजीत सिंह की शिकायत पर पुलिस ने इस्माइलाबाद थाने में सड़क निर्माण कंपनी और सुपरविजन कंपनी के खिलाफ BNS की धारा 106 के तहत केस दर्ज कर लिया है। शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के बाद पार्थिव शरीर को पैतृक गांव सतौड़ा ले जाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार होगा।
गुरदीप सिंह की पत्नी भजन कौर और बेटा देवेंद्र सिंह भी जर्मनी से भारत पहुंच चुके हैं। परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत कर दी जाती तो आज यह हादसा नहीं होता। इस घटना ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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