बादशाह का देसी अंदाज, बुग्गी में बैठकर पहुंचे सोनीपत गांव , ‘टटीरी’ के रैप वर्जन से हरियाणवी लोकगीत को नया रंग
बॉलीवुड रैपर बादशाह ने हरियाणवी लोकगीत ‘टटीरी’ का रैप वर्जन प्रमोट करते हुए सोनीपत के असदनपुर-नांदनोर गांव में देसी अंदाज में कार्यक्रम किया और स्कूल को म्यूजिक सिस्टम भेंट किया।
■ रैपर बादशाह ने ‘टटीरी’ का रैप वर्जन रिकॉर्ड किया
■ सोनीपत के असदनपुर-नांदनोर में बैल-बुग्गी से हुआ स्वागत
■ स्कूल को 40 हजार का म्यूजिक सिस्टम भेंट, मंच से सरपंच विवाद पर चुटकी
सोनीपत: बॉलीवुड रैपर-सिंगर Badshah ने हरियाणवी लोकगीत ‘टटीरी’ को नए रैप अंदाज में रिकॉर्ड कर एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। अपने नए गीत के प्रमोशन के सिलसिले में वे टीम के साथ सोनीपत के गांव असदनपुर-नांदनोर पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक अंदाज में भव्य स्वागत किया। गांव की सीमा पर ढोल-नगाड़ों के साथ फूलमालाएं पहनाई गईं और विशेष रूप से मंगवाई गई बैल-बुग्गी पर बैठाकर उन्हें गांव की गलियों से होते हुए राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मैदान तक ले जाया गया।
करीब 500 मीटर की यह यात्रा उत्सव में बदल गई। बच्चे पोस्टर लेकर दौड़ते नजर आए, सेल्फी की होड़ लगी और पूरा माहौल हरियाणवी रंग में रंग गया। मंच से संबोधन के दौरान घोषणा की गई कि बादशाह दोनों गांवों के सरपंचों को सम्मानित करेंगे। इस पर उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, “वैसे तो इन्हें मुझे सम्मानित करना चाहिए था…” और फिर मजाकिया अंदाज में जोड़ा, “मासूम शर्मा वाली वीडियो तो देखी ही होगी आपने…”
दरअसल हाल ही में जींद में एक कार्यक्रम के दौरान हरियाणवी सिंगर Masoom Sharma और एक पूर्व सरपंच के बीच मंच पर विवाद का वीडियो चर्चा में है। उसी संदर्भ में बादशाह की हल्की-फुल्की टिप्पणी पर भीड़ में किलकारियां गूंज उठीं।
गांव पहुंचने के बाद बादशाह ने सरपंच मुकेश उर्फ बल्लू के घर देसी भोजन का आनंद लिया। घर में सरसों का साग, मक्की की रोटी, मक्खन और लस्सी परोसी गई। वीडियो में वे हंसते हुए पूछते दिखे, “सरसों का है या किसी और का…” उनके साथ आए हिमाचल से एक टीम सदस्य से भी उन्होंने मजाक किया। इस आत्मीय माहौल ने कार्यक्रम को और खास बना दिया।
स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बादशाह ने बच्चों के साथ मंच साझा किया। उन्होंने ‘टटीरी’ गीत प्ले कर लाइव प्रमोशन किया, लिपसिंक और डांस किया। बच्चों का उत्साह देखते हुए वे स्टेज से नीचे उतरकर उनके बीच पहुंच गए। एक छोटी बच्ची को गोद में उठाकर डांस भी किया। कार्यक्रम में कलाकार सिमरन भी मौजूद रहीं।
विद्यालय के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए बादशाह ने 40 हजार रुपये का सोनी कंपनी का म्यूजिक सिस्टम स्कूल को भेंट किया। उन्होंने कहा कि हरियाणवी संस्कृति और संगीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। मंच से उन्होंने बच्चों से पूछा, “आज स्कूल लगा था या छुट्टी थी…” बच्चों ने जवाब दिया कि छुट्टी है। इस पर उन्होंने कहा, “अब पार्टी करनी है… पार्टी करनी है तो शोर मचाओ…” और पूरा मैदान किलकारियों से गूंज उठा।
ग्राम प्रतिनिधियों—सरपंच रणवीर सिंह उर्फ नाना, सरपंच मुकेश उर्फ बल्लू और अन्य गणमान्य लोगों ने उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि असदनपुर और नांदनोर एक ही गांव हैं और दोनों का एक ही सरकारी स्कूल है।
‘टटीरी’ एक पारंपरिक हरियाणवी लोकगीत है, जिसमें मंडेर पर बैठी टटीरी पक्षी के माध्यम से घरेलू भावनाएं व्यक्त की जाती हैं। यह गीत शादियों और पारिवारिक आयोजनों में गाया जाता है। बादशाह का यह रैप वर्जन 1 मार्च को रिलीज होगा और रिलीज से पहले ही सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
बादशाह का असली नाम आदित्य प्रताप सिंह सिसौदिया है। उनका परिवार मूल रूप से हरियाणा के करनाल जिले के उचानी गांव से ताल्लुक रखता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत Yo Yo Honey Singh के ग्रुप ‘माफिया मुंडीर’ से की थी और आज बॉलीवुड के प्रमुख रैपर्स में गिने जाते हैं।
Akhil Mahajan