भवानीपुर में ममता बनर्जी 15 हजार वोटों से हारीं

पश्चिम बंगाल के भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी 15 हजार वोटों से हार गईं। भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने दूसरी बार उन्हें हराया, काउंटिंग पर ममता ने सवाल उठाए।

भवानीपुर में ममता बनर्जी 15 हजार वोटों से हारीं

भवानीपुर में ममता बनर्जी 15 हजार वोटों से हारीं
सुवेंदु अधिकारी ने लगातार दूसरी बार दी शिकस्त
ममता ने काउंटिंग पर लगाए धक्का-मुक्की और गड़बड़ी के आरोप



पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राज्य की सबसे चर्चित सीट भवानीपुर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को करारी हार का सामना करना पड़ा है। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें 15,114 वोटों के अंतर से हराया। यह लगातार दूसरी बार है जब सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को चुनाव में मात दी है। इससे पहले वर्ष 2021 में नंदीग्राम सीट पर भी उन्होंने ममता को हराया था।

चुनाव परिणामों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से भाजपा ने 184 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है और कई अन्य सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं तृणमूल कांग्रेस (TMC) को 64 सीटों पर जीत मिली है और कुछ सीटों पर वह आगे चल रही है। कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और उसे केवल दो सीटों पर ही जीत मिल सकी।

भवानीपुर में हार से पहले ही ममता बनर्जी काउंटिंग सेंटर से बाहर निकल गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और उन्हें मारा गया। उन्होंने कहा कि इस सीट पर दोबारा काउंटिंग होनी चाहिए और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

वहीं, जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी ने इसे बड़ी राजनीतिक जीत बताते हुए कहा कि “ममता बनर्जी को हराना बेहद जरूरी था और यह उनकी राजनीति से रिटायरमेंट जैसा है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने बालुरघाट में कार्यकर्ताओं के साथ जश्न मनाया।

चुनाव नतीजों के दौरान कई जगहों से हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें भी सामने आई हैं। कोलकाता और अन्य इलाकों में TMC कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं, जिससे माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

इसके अलावा, भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोलकाता और दिल्ली समेत कई जगहों पर जीत का जश्न मनाया। पार्टी मुख्यालयों में मिठाई बांटी गई और पटाखे फोड़े गए। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, बंगाल के इस चुनाव परिणाम ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव संकेत दिया है। अब सभी की नजरें आगे बनने वाली सरकार और संभावित राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हैं।