सोने-चांदी के दाम गिरे, शादी सीजन से पहले राहत

चांदी अपने ऑल टाइम हाई से ₹2.37 लाख प्रति किलो सस्ती हुई, जबकि 10 ग्राम सोना ₹14,900 तक नीचे आया। सर्राफा बाजार में बड़ी राहत दर्ज की गई।

सोने-चांदी के दाम गिरे, शादी सीजन से पहले राहत

चांदी अपने ऑल टाइम हाई से ₹2.37 लाख प्रति किलो सस्ती हुई
10 ग्राम सोना करीब ₹14,900 तक नीचे आया
रिकॉर्ड तेजी के बाद सर्राफा बाजार में बड़ी नरमी दर्ज


सोना और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के बाद अब बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। सर्राफा बाजार में चांदी अपने ऑल टाइम हाई से करीब ₹2.37 लाख प्रति किलो सस्ती हो गई है, जबकि 10 ग्राम सोने की कीमत में भी लगभग ₹14,900 की कमी दर्ज की गई है। निवेशकों और खरीदारों के लिए यह बड़ी राहत मानी जा रही है।

कुछ समय पहले चांदी ने ऐतिहासिक ऊंचाई छूते हुए करीब ₹4.76 लाख प्रति किलो का स्तर पार कर लिया था। अब इसमें तेज गिरावट के बाद कीमत करीब ₹2.39 लाख प्रति किलो तक आ गई है। यानी चांदी में भारी करेक्शन देखने को मिला है। 29 अप्रैल 2026 के आसपास कई बाजार स्रोतों में चांदी ₹2.36–2.60 लाख प्रति किलो के दायरे में दिखाई गई।

इसी तरह 24 कैरेट सोना भी अपने उच्च स्तर से नीचे आया है। जहां पहले 10 ग्राम सोने का भाव लगभग ₹1.64 लाख के करीब पहुंच गया था, वहीं अब यह घटकर करीब ₹1.49 लाख तक आ गया है। इससे शादी-विवाह और निवेश के लिए खरीदारी करने वालों को राहत मिली है। 29 अप्रैल 2026 को कई स्रोतों में 10 ग्राम सोने का भाव करीब ₹1.49 लाख के आसपास दर्ज हुआ।

विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीदें और मुनाफावसूली के कारण यह गिरावट आई है। जब कीमतें तेजी से ऊपर जाती हैं, तो निवेशक प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर देते हैं, जिससे बाजार में नरमी आती है।

हालांकि, लंबी अवधि के नजरिए से सोने को अब भी सुरक्षित निवेश माना जा रहा है। भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के दौर में निवेशक अब भी गोल्ड को मजबूत विकल्प मानते हैं। यही वजह है कि गिरावट के बावजूद इसकी मांग बनी हुई है।

चांदी में गिरावट और भी तेज रही है, क्योंकि इसमें औद्योगिक मांग का भी बड़ा असर होता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की मांग में बदलाव से चांदी की कीमतें तेजी से ऊपर-नीचे होती हैं।

सर्राफा कारोबारियों का मानना है कि अक्षय तृतीया और शादी सीजन के चलते आने वाले दिनों में फिर से खरीदारी बढ़ सकती है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार स्थिर रहते हैं, तो कीमतों में दोबारा तेजी भी लौट सकती है।

फिलहाल खरीदारों के लिए यह समय राहत भरा माना जा रहा है, क्योंकि रिकॉर्ड ऊंचाई से नीचे आए भाव निवेश का बेहतर मौका दे सकते हैं।