नशे के खिलाफ नारनौल में दौड़े CM सैनी, बच्चों-युवाओं ने भी लिया हिस्सा; 10 और 5 KM के विजेताओं को किया सम्मानित

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नशे के खिलाफ नारनौल में दौड़े CM सैनी, बच्चों-युवाओं ने भी लिया हिस्सा; 10 और 5 KM के विजेताओं को किया सम्मानित

नशा मुक्त हरियाणा के संदेश के साथ हजारों युवाओं ने लगाई दौड़

CM नायब सैनी, आरती राव समेत कई नेताओं ने भी मैराथन में दौड़ लगाई

मैराथन के दौरान बच्ची टीचर्स से बिछड़ी, उमस और ट्रैफिक डायवर्जन से लोगों को परेशानी


महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में नशा मुक्त हरियाणा अभियान के तहत आयोजित हॉफ मैराथन में रविवार को युवाओं और बच्चों का जोश देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि स्वास्थ्य मंत्री आरती राव भी मौजूद रहीं। मैराथन में महेंद्रगढ़ जिले के अलावा हरियाणा और अन्य प्रदेशों से आए धावकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दौड़ आयोजित की गई। दोनों वर्गों में विजेता लड़के और लड़कियों को अलग-अलग पुरस्कार देकर मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।

नारनौल में दौड़ लगाते बच्चे-युवा।

मैराथन का उद्देश्य लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश देना था। हजारों की संख्या में बच्चे और युवा इस अभियान का हिस्सा बने। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने खुद भी दौड़ लगाकर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान एक तरफ युवाओं में नशे के खिलाफ संदेश देने का जोश दिखाई दिया, तो दूसरी तरफ भीड़, उमस और यातायात व्यवस्था के कारण लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा।

नारनौल में हॉफ मैराथन के विजेताओं को सम्मानित करते हुए सीएम नायब सैनी।

नशे के खिलाफ दौड़े हजारों युवा, CM सैनी बोले- संदेश पूरे देश तक जाएगा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि मैराथन का उद्देश्य प्रदेश को नशा मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि आज हजारों की संख्या में आए युवा इस संदेश के साथ दौड़ लगा रहे हैं कि वे न तो नशा करेंगे और न ही किसी को नशा करने देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं का यह संदेश केवल महेंद्रगढ़ जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के लोगों तक भी जाएगा। मैराथन के जरिए युवाओं को स्वस्थ जीवन और नशे से दूरी का संदेश देने का प्रयास किया गया।

नूनी शेखपुरा मोड़ से शुरू हुई मैराथन, बच्चों में दिखा जबरदस्त उत्साह

मैराथन की शुरुआत महेंद्रगढ़ रोड पर सेक्टर एक के मुख्य गेट के पास नूनी शेखपुरा मोड़ से की गई। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुबह से ही बच्चों और युवाओं की भीड़ जुटने लगी थी। सेक्टर एक के मुख्य गेट से लेकर महावीर चौक तक प्रतिभागियों की भीड़ दिखाई दी।

सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के बच्चों ने भी बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। बच्चों और युवाओं में दौड़ को लेकर खासा उत्साह था। मुख्य स्टेज पर गायकों द्वारा गाए जाने वाले गीतों के साथ-साथ फिल्मी और देशभक्ति गीतों पर युवा और बच्चे डांस करते भी दिखाई दिए।

CM सैनी से लेकर कई नेताओं ने लगाई दौड़

प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खुद मैराथन में दौड़ लगाई। उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, विधायक ओमप्रकाश यादव और कंवर सिंह, सांसद धर्मवीर सिंह, पूर्व विधायक अभय सिंह यादव और भाजपा जिला अध्यक्ष यतेंद्र यादव समेत अन्य भाजपा नेताओं ने भी दौड़ में हिस्सा लिया।

इस दौरान मैदान में मौजूद बच्चों और युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। नेताओं के दौड़ में शामिल होने से प्रतिभागियों में भी जोश नजर आया।

10 और 5 किलोमीटर दौड़ के विजेताओं का सम्मान

हॉफ मैराथन में 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दौड़ आयोजित की गई। इसमें लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग प्रतियोगिता रखी गई थी। दौड़ पूरी करने वाले विजेताओं को मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

मैराथन में महेंद्रगढ़ जिले के साथ-साथ प्रदेश और अन्य प्रदेशों से आए धावकों ने भी हिस्सा लिया। इस वजह से कार्यक्रम में स्थानीय प्रतिभागियों के साथ बाहर से आए धावकों की भी मौजूदगी रही।

सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस, महेंद्रगढ़ रोड पूरी तरह बंद

मैराथन को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे। शहर में जगह-जगह पुलिस की तैनाती की गई थी। मैराथन के रूट महेंद्रगढ़ रोड पर लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई।

सड़क बंद होने के कारण इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को करीब 8 किलोमीटर लंबा डायवर्ट मार्ग अपनाना पड़ा। बाजारों में भी ट्रैफिक डायवर्ट रहा। इसका असर स्थानीय दुकानदारों और रेहड़ी वालों पर भी पड़ा।

कार्यक्रम में टीचर्स से बिछड़ गई बच्ची, डर के कारण नहीं बता पाई स्कूल का नाम

मैराथन के दौरान एक सरकारी स्कूल की बच्ची अपने साथ के बच्चों और टीचर्स से बिछड़ गई। भीड़ में अकेली पड़ने के बाद बच्ची डर गई और रोने लगी। इसके बाद वह मुख्य स्टेज तक पहुंच गई।

लोगों की मदद से बच्ची को स्टेज पर पहुंचाया गया। डर की वजह से वह अपने स्कूल का नाम भी नहीं बता पा रही थी। करीब आधा घंटा तक बच्ची मुख्य स्टेज पर बैठी रही। बाद में पुलिस अधिकारी वहां पहुंचे और बच्ची को अपने साथ ले गए।

उमस भरी गर्मी में भीड़ से परेशान हुए लोग, डायल 112 पर की कॉल

मैराथन में बड़ी संख्या में बच्चों और युवाओं के शामिल होने के कारण उमस भरी गर्मी में भीड़ की स्थिति बन गई। इस दौरान एक व्यक्ति ने डायल 112 पर फोन कर दिया।

उस व्यक्ति का कहना था कि भीड़ में बच्चों का दम घुट रहा है। उसने बताया कि उसके बच्चे भी दौड़ में शामिल होने आए हैं और उन्हें फोन आ रहा है। भीड़ और उमस को लेकर चिंता जताते हुए उसने पुलिस से मदद मांगी।

नशा मुक्ति के संदेश के साथ लोगों को ट्रैफिक और बाजार बंदी की परेशानी

मैराथन के जरिए नशे से दूर रहने का संदेश लोगों तक पहुंचा, लेकिन कार्यक्रम के कारण स्थानीय लोगों को दो दिन तक परेशानी भी झेलनी पड़ी। महेंद्रगढ़ रोड को पूरी तरह बंद किए जाने के कारण इस रास्ते से आने-जाने वाले लोगों को करीब 8 से 10 किलोमीटर अतिरिक्त घूमकर जाना पड़ा।

बाजारों में भी ट्रैफिक डायवर्ट रहा। इसके चलते रेहड़ी लगाने वालों और दुकानदारों को भी दो दिन परेशानी का सामना करना पड़ा। एक तरफ मैराथन ने नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया, वहीं दूसरी तरफ आयोजन के दौरान उमस, भीड़ और ट्रैफिक डायवर्जन से जुड़ी परेशानियां भी सामने आईं।

घर-घर तिरंगा अभियान का भी हुआ शुभारंभ

मैराथन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी ने घर-घर तिरंगा अभियान के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के बाद 17 अगस्त तक यह अभियान पूरे राज्य में मनाया जाएगा।

इसके तहत अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नारनौल में आयोजित मैराथन के दौरान नशा मुक्ति के संदेश के साथ घर-घर तिरंगा अभियान की शुरुआत भी हुई।