ड्रग केस दबाने की कथित डील, 5 लाख मांगे, 50 हजार लेते बिचौलिया गिरफ्तार
फतेहाबाद में ड्रग केस दबाने के नाम पर 5 लाख की कथित डील में बिचौलिया 50 हजार लेते गिरफ्तार हुआ। SHO से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
ड्रग केस दबाने के नाम पर 5 लाख की कथित डील, बिचौलिया 50 हजार लेते गिरफ्तार
■ बिचौलिए ने पूछताछ में टोहाना सिटी थाना प्रभारी का नाम लिया, ACB ने रातभर की पूछताछ
■ तलाशी के बाद SHO को छोड़ा गया, ACB को फिलहाल पैसे लेने या मांगने के सबूत नहीं मिले
फतेहाबाद। हरियाणा के फतेहाबाद में नशे के केस को दबाने के नाम पर रिश्वत लेने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हलचल मच गई। करनाल ACB की टीम ने टोहाना सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह से देर रात तक पूछताछ की।
ACB टीम ने SHO के कार्यालय और उनकी सरकारी गाड़ी की भी तलाशी ली। इसके बाद उन्हें फतेहाबाद स्थित ACB कार्यालय ले जाया गया। यहां देर रात करीब एक बजे तक उनसे सवाल-जवाब किए गए।
मामले की जानकारी मिलने पर फतेहाबाद जिले के कई SHO और चौकी प्रभारी भी ACB कार्यालय पहुंच गए। पूछताछ और जांच के बाद ACB ने थाना प्रभारी कुलदीप सिंह को छोड़ दिया।
5 लाख में केस दबाने की कथित डील
ACB के अनुसार, इस मामले में एक बिचौलिया किरतपाल पकड़ा गया है। आरोप है कि उसने नशे के मामले से नाम हटवाने के लिए 5 लाख रुपये की कथित डील की थी।
बताया गया है कि बिचौलिए को 4.5 लाख रुपये पहले ही दिए जा चुके थे। बाकी 50 हजार रुपये बाद में दिए जाने थे। इसी रकम को लेते समय ACB ने बिचौलिए को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में बिचौलिए ने दावा किया कि वह यह रकम टोहाना सिटी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह के नाम पर ले रहा था। इसके बाद ACB ने पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए SHO से भी पूछताछ शुरू की।
7 ग्राम हेरोइन के मामले से जुड़ा मामला
यह पूरा मामला 11 दिसंबर 2025 को दर्ज हुए एक NDPS केस से जुड़ा बताया जा रहा है। उस समय टोहाना पुलिस ने बिठमड़ा निवासी जगजीत सिंह को 7 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा था।
जगजीत सिंह के अनुसार, उसने अपने खिलाफ दर्ज NDPS मामले से नाम हटवाने के लिए बिचौलिए किरतपाल से संपर्क किया था। आरोप है कि नाम हटवाने के लिए 5 लाख रुपये में कथित तौर पर सौदा तय हुआ था।
जगजीत के मुताबिक, वह पहले ही 4.5 लाख रुपये दे चुका था। 50 हजार रुपये बाकी थे। यह रकम देने के लिए बिचौलिए से मुलाकात तय की गई थी।
ACB ने 50 हजार रुपये का जाल बिछाया
मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी गई। इसके बाद करनाल यूनिट के इंचार्ज अरविंद कुमार के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई।
ACB ने शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये दिए। इन नोटों पर केमिकल लगाया गया था। इसके बाद शिकायतकर्ता को बिचौलिए के पास भेजा गया।
जैसे ही बिचौलिए किरतपाल ने कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत अपने हाथ में ली, ACB टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
बिचौलिए के बयान के बाद SHO से पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद ACB ने बिचौलिए से पूछताछ की। इसी दौरान उसने दावा किया कि वह यह रकम थाना प्रभारी कुलदीप सिंह के नाम पर ले रहा था।
बिचौलिए के इस दावे के बाद ACB टीम ने SHO कुलदीप सिंह से भी पूछताछ की। टीम ने उनके कार्यालय और सरकारी वाहन की गहन तलाशी ली।
इसके बाद बिचौलिए, शिकायतकर्ता और SHO को फतेहाबाद स्थित ACB कार्यालय लाया गया। यहां देर रात तक मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की गई।
सबूत नहीं मिले तो SHO को छोड़ा
पूछताछ के बाद ACB ने इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह को छोड़ दिया। सामने आई जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान SHO के खिलाफ रिश्वत की रकम लेने या मांगने से जुड़े कोई ठोस सबूत नहीं मिले।
अब ACB की जांच का फोकस बिचौलिए के दावों पर है। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने SHO का नाम किस आधार पर लिया और कथित 5 लाख रुपये की डील में वास्तव में कौन-कौन लोग शामिल थे।
ACB रकम के लेन-देन और कथित डील से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि बिचौलिए द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और रकम आखिर किसके लिए मांगी जा रही थी।
पुलिस महकमे में भी हलचल
SHO से पूछताछ की सूचना मिलते ही फतेहाबाद जिले के कई पुलिस अधिकारी और चौकी प्रभारी ACB कार्यालय पहुंच गए। देर रात तक कार्यालय के बाहर पुलिस विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी रही।
फिलहाल मामले में बिचौलिया ACB की गिरफ्त में है, जबकि SHO कुलदीप सिंह को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। आगे की जांच बिचौलिए के बयानों, रकम के लेन-देन और कथित डील से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
pooja