हिसार में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, फायरिंग के बाद दो आरोपी घायल; एक और संदिग्ध काबू

हिसार में CIA टीम पर फायरिंग के बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में दो बदमाशों को घायल कर अस्पताल में भर्ती कराया, जबकि एक अन्य संदिग्ध को राउंड अप किया।

हिसार में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़, फायरिंग के बाद दो आरोपी घायल; एक और संदिग्ध काबू

CIA टीम को देखकर बदमाशों ने पुलिस पर की फायरिंग

जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में लगी गोली, अस्पताल में भर्ती

अर्बन एस्टेट फायरिंग केस में पहले ही तीन आरोपी गिरफ्तार


हिसार में फायरिंग की वारदात के बाद बदमाशों की तलाश में जुटी CIA टीम और संदिग्धों के बीच मुठभेड़ हो गई। सातरोड़ साउथ बाइपास पुल के पास पुलिस ने नाकाबंदी कर दो संदिग्ध बदमाशों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, रुकने का इशारा किए जाने पर दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और मौके से भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी। घायल आरोपियों को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल हिसार में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मौके से एक अन्य संदिग्ध को भी राउंड अप किया है।

कारतूस और हथियार के साथ आरोपी।

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई अर्बन एस्टेट क्षेत्र में हुई फायरिंग की वारदात से जुड़े संदिग्धों की तलाश के दौरान की गई। CIA हिसार की टीम को आरोपियों की मूवमेंट के बारे में सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने सातरोड़ साउथ बाइपास पुल के पास घेराबंदी कर दी। इसी दौरान संदिग्ध वहां पहुंचे और पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का इशारा किया।

रुकने के बजाय पुलिस पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल

पुलिस का कहना है कि रुकने का इशारा मिलते ही बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर सीधे फायर कर दिया। पुलिसकर्मियों ने अपने बचाव में जवाबी फायरिंग की। इस दौरान दोनों संदिग्धों के पैर में गोली लगी और उन्हें काबू कर लिया गया। पुलिस ने दोनों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

मुठभेड़ के बाद इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई। पुलिस टीम ने मौके से हथियार और अन्य सामान कब्जे में लिया है। मामले की जांच के साथ यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों के पास हथियार कहां से आए और फायरिंग की वारदात में उनकी क्या भूमिका थी।

मौके पर पहुंची पुलिस टीम।

घायल बदमाशों की हुई पहचान, पुराना रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में घायल हुए आरोपियों की पहचान राहुल उर्फ मुखिया, निवासी बराह, बिहार और शिव कुमार, निवासी न्यू मॉडल टाउन, हिसार के रूप में हुई है। दोनों का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। पुलिस अब उनका आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने में जुटी है।

यह कार्रवाई DSP क्राइम कमलजीत और CIA हिसार प्रभारी PSI करण सिंह के नेतृत्व में की गई टीम द्वारा की गई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों आरोपी अर्बन एस्टेट में हुई फायरिंग के अलावा किसी अन्य वारदात में शामिल रहे हैं या नहीं।

अर्बन एस्टेट फायरिंग केस में तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार

इस पूरे मामले में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों रजनीकांत उर्फ राज, आकाश और सुमित उर्फ गोल को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। अब दो अन्य संदिग्धों के मुठभेड़ में घायल होने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है।

पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि फायरिंग की वारदात में कौन-कौन लोग शामिल थे और पूरी साजिश के पीछे क्या वजह थी। पुलिस के सामने यह भी अहम सवाल है कि वारदात में इस्तेमाल हथियार और अन्य सामान आरोपियों तक कैसे पहुंचा।

बुधवार रात दयानंद कॉलोनी में मचा था हड़कंप

जिस फायरिंग की जांच के दौरान पुलिस को यह सफलता मिली, उसकी शुरुआत बुधवार देर रात दयानंद कॉलोनी में हुई वारदात से हुई थी। तिकोना पार्क और शिव मंदिर के पास अचानक फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। पुलिस के अनुसार, बाइक पर सवार होकर आए नकाबपोश युवकों ने परिवार को निशाना बनाते हुए फायरिंग की थी।

शुरुआत में इस घटना को लेकर कांवड़ियों पर फायरिंग की बात सामने आई थी, क्योंकि उस समय शिव मंदिर के पास काफी संख्या में कांवड़िए मौजूद थे। हालांकि, बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि घायल परिवार के सदस्य कांवड़िए नहीं थे।

भांजे को छोड़ने निकला था परिवार, तभी शुरू हुई फायरिंग

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, दयानंद कॉलोनी निवासी गोविंद, उसकी पत्नी निशा और 12 वर्षीय बेटी बीरा उर्फ गुन्नू अपने भांजे को छोड़ने के लिए घर से निकले थे। गोविंद का भांजा कांवड़ लेने के लिए जा रहा था। इसी दौरान परिवार शिव मंदिर के पास पहुंचा।

पुलिस के अनुसार, इसी समय दो बाइकों पर सवार होकर 5-6 नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने बिना कुछ कहे परिवार की ओर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई फायरिंग से वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई।

पुलिस के मुताबिक, फायरिंग में गोविंद, उसकी पत्नी और उनकी बेटी घायल हो गए। घटना के बाद हमलावर आईटीआई चौक की तरफ फरार हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को उपचार के लिए जिंदल अस्पताल पहुंचाया।

परिवार के तीनों सदस्य खतरे से बाहर

घटना के बाद अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए थे। पार्षद जगमोहन मित्तल भी घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने परिवार के तीनों सदस्यों की हालत खतरे से बाहर बताई थी।

गोविंद जिंदल फैक्ट्री में काम करता है। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी थी। पुलिस को उम्मीद थी कि कैमरों की मदद से वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान और उनकी आवाजाही की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलेगी।

अब CIA टीम की कार्रवाई में दो संदिग्धों के घायल होने और एक अन्य आरोपी को राउंड अप किए जाने के बाद पुलिस इस मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हालांकि, पूरी घटना और आरोपियों की भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति पुलिस की आगे की जांच और पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगी।

पुलिस के लिए आगे की जांच में कई सवाल अहम

मुठभेड़ के बाद पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं। इनमें सबसे बड़ा सवाल यह है कि दयानंद कॉलोनी में परिवार पर फायरिंग की वजह क्या थी और हमलावरों ने इसी परिवार को निशाना क्यों बनाया। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वारदात में शामिल सभी आरोपी कौन हैं और उनके बीच क्या संबंध है।

पुलिस आरोपियों से पूछताछ के साथ हथियारों, CCTV फुटेज और पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिली जानकारी को भी जोड़कर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।