पथराव-आगजनी, तोड़फोड़, 60 से ज्यादा गिरफ्तारी, जानें- नोएडा प्रदर्शन में क्या-क्या हुआ?

नोएडा में वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हुआ, पथराव-आगजनी में 60 से ज्यादा गिरफ्तार, कई जगह जाम और नुकसान।

पथराव-आगजनी, तोड़फोड़, 60 से ज्यादा गिरफ्तारी, जानें- नोएडा प्रदर्शन में क्या-क्या हुआ?

वेतन बढ़ोतरी की मांग पर नोएडा में हिंसक प्रदर्शन
पथराव-आगजनी और तोड़फोड़, 60 से ज्यादा गिरफ्तार
यातायात ठप, दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर लंबा जाम


नोएडा में सोमवार को मजदूरों का प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया, जिससे पूरे शहर में अफरा-तफरी मच गई। वेतन बढ़ोतरी और बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे श्रमिकों ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। इस दौरान कई जगहों पर पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं।

नोएडा में प्रदर्शनकारियों ने एक कार शोरूम में आग लगा दी।

प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने पुलिस की एसयूवी समेत कई वाहनों में आग लगा दी और सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने सख्ती दिखाई और अब तक 60 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

नोएडा में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने फ्लैग मार्च किया।

इस प्रदर्शन का असर शहर की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर, NH-9, सेक्टर-62, चिल्ला बॉर्डर और एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया। हजारों लोग घंटों सड़कों पर फंसे रहे, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

नोएडा के फेज-2 में मदरसन कंपनी के बाहर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी हिंसक हो गए।

जानकारी के मुताबिक, फेज-2, सेक्टर-60, सेक्टर-62 और सेक्टर-84 के औद्योगिक क्षेत्रों के मजदूर बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए थे। उनकी मुख्य मांग हरियाणा की तर्ज पर वेतन बढ़ोतरी और बेहतर कार्य परिस्थितियां थीं। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें 12 घंटे काम करने के बावजूद 11 से 15 हजार रुपए ही मिलते हैं, जो महंगाई के मुकाबले बेहद कम है।

गुस्साए कर्मचारियों ने पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। उसे पलट दिया।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई कंपनियां ओवरटाइम का भुगतान सही तरीके से नहीं करतीं और कई बार डबल शिफ्ट में काम कराने के बावजूद एक शिफ्ट का ही पैसा दिया जाता है। महिला श्रमिकों ने भी वेतन अनियमितता और कठिन कार्य परिस्थितियों को लेकर नाराजगी जताई।

नोएडा सेक्टर-57 में कर्मचारियों ने कंपनियों के दफ्तर में तोड़फोड़ की।

पुलिस के अनुसार स्थिति अब नियंत्रण में है और प्रभावित इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर फर्जी अफवाहें फैलाने से भी हिंसा भड़की। इस मामले में दो सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

वहीं, श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मजदूर न्यूनतम वेतन 20 से 25 हजार रुपए तक करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा भोजन, अवकाश और कार्यस्थल की सुविधाओं में सुधार भी उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है।

प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही आश्वासन दिया गया है कि स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने के प्रयास जारी हैं