करनाल में पटाखा गोदाम में धमाका, एक बच्ची घायल, मकानों को भारी नुकसान

करनाल के सूरज नगर में पटाखा गोदाम में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें एक बच्ची घायल हो गई और आसपास के मकानों को भारी नुकसान पहुंचा। पुलिस जांच में जुटी है।

करनाल में पटाखा गोदाम में धमाका, एक बच्ची घायल, मकानों को भारी नुकसान

करनाल के सूरज नगर में पटाखा गोदाम में जोरदार धमाका
एक बच्ची घायल, गोदाम और मकानों को भारी नुकसान
अवैध रूप से रखे पटाखों को लेकर लापरवाही आई सामने


हरियाणा के करनाल शहर के मेरठ रोड स्थित सूरज नगर में एक पटाखा गोदाम में अचानक जोरदार धमाका हो गया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि दूर-दूर तक सुनाई दी। इस हादसे में एक मासूम बच्ची घायल हो गई, जबकि गोदाम और आसपास के मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।

धमाके बाद पटाखों से निकाली हुई आग।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना जबरदस्त था कि गोदाम का लैंटर उड़ गया और पास बने एक मकान की दीवार पूरी तरह ढह गई। इसके अलावा आसपास के कई घरों में दरारें पड़ गईं, जिससे लोगों में भय का माहौल बन गया।

गनीमत यह रही कि हादसे के समय गोदाम के अंदर कोई मौजूद नहीं था, नहीं तो यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया

आग पर काबू पाते फायर कर्मी।

पीड़ित परिवार की महिला राकेश ने बताया कि दीपावली से पहले यहां पटाखों की फैक्ट्री चलती थी, जिसे बाद में मालिक मोहन लाल ने बंद कर दिया था, लेकिन अंदर पटाखों का स्टॉक ही रखा रहा। उन्होंने कई बार मालिक को खतरे के बारे में आगाह किया, लेकिन उसने कोई ध्यान नहीं दिया।

महिला ने बताया कि उन्होंने हाल ही में लोन लेकर अपना मकान बनाया था, लेकिन धमाके में उनकी दीवार गिर गई और उनकी बेटी को भी चोट आई है। अब परिवार ने गोदाम मालिक से मुआवजे की मांग की है।

स्थानीय निवासी राम प्रकाश ने बताया कि प्रशासन ने दीपावली से पहले इस फैक्ट्री को सील करवा दिया था, लेकिन अंदर रखे पटाखों को नहीं हटाया गया। इसी वजह से अचानक आग लगने पर इतना बड़ा धमाका हुआ।

घटना के बाद पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और इलाके को सुरक्षित किया गया। सेक्टर 32-33 थाना के एसएचओ सतीश कुमार के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि गोदाम में अवैध रूप से पटाखे रखे गए थे। फिलहाल पुलिस ब्लास्ट के कारणों की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।

यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि अवैध रूप से ज्वलनशील सामग्री का भंडारण कितना खतरनाक हो सकता है और प्रशासनिक लापरवाही किस तरह बड़े हादसों को जन्म दे सकती है।