पानीपत में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, 12 वार्डों में संकट -400 कर्मचारियों ने काम छोड़ा, शहर में गंदगी का खतरा
पानीपत में 400 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे 12 वार्डों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। कर्मचारियों ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
➤ पानीपत में 12 वार्डों के 400 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर
➤ चीफ सैनिटरी इंस्पेक्टर पर जातिसूचक टिप्पणी और तानाशाही के आरोप
➤ मांगें पूरी न होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी
हरियाणा के पानीपत शहर में सफाई व्यवस्था पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। नगर निगम के तहत ठेका कंपनी के करीब 400 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इन कर्मचारियों ने झाड़ू, डोंगे और रेडी-रिक्शा छोड़कर काम बंद कर दिया है, जिससे शहर के 12 वार्डों में गंदगी फैलने का खतरा बढ़ गया है।
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का कहना है कि वे सफाई की जिम्मेदारी निभाते रहे हैं, लेकिन उनके साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनके कई सुपरवाइजरों को बिना किसी नोटिस के हटा दिया गया, जबकि वे पिछले कई वर्षों से काम कर रहे थे और कोरोना काल में भी सेवा देते रहे।
कर्मचारियों ने चीफ सैनिटरी इंस्पेक्टर जितेंद्र नरवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारी द्वारा जातिसूचक टिप्पणियां की जाती हैं और खासतौर पर वाल्मीकि समाज के कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है। आरोप है कि उनके स्थान पर अपने परिचितों और अन्य समाज के लोगों को नियुक्त किया जा रहा है।
हड़ताली कर्मचारियों ने यह भी कहा कि उन्हें रविवार की छुट्टी नहीं मिलती, जबकि सुपरवाइजरों की जनवरी माह की सैलरी भी अब तक नहीं दी गई है। इसके अलावा सिस्टम में “तानाशाही” का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने कहा कि उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है।
कर्मचारियों के अनुसार उन्होंने अपनी शिकायत लेकर डीएम और अन्य अधिकारियों से भी संपर्क किया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिला। उनका आरोप है कि पहले प्रशासन ने मामले से दूरी बना ली, लेकिन अब कंपनी के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है।
एक सुपरवाइजर ने बताया कि उन्हें उनके वार्ड के पार्षद द्वारा संतुष्टि पत्र भी दिया गया था, जिसमें उनके काम की सराहना की गई थी, इसके बावजूद उन्हें हटा दिया गया। इससे कर्मचारियों में रोष और बढ़ गया है।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इससे नंगलखेड़ी से बाबरपुर तक के वार्डों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सकती है और शहर में गंदगी के ढेर लग सकते हैं।
Akhil Mahajan