मौनी अमावस्या पर संगम तट पर बवाल! शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से मना किया, शिष्यों से मारपीट का आरोप

प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान से इनकार कर दिया, अधिकारियों पर शिष्यों के साथ मारपीट का आरोप लगाया।

मौनी अमावस्या पर संगम तट पर बवाल! शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से मना किया, शिष्यों से मारपीट का आरोप

प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने संगम स्नान से इनकार किया
• उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के गृह सचिव मोहित गुप्ता पर शिष्यों के साथ मारपीट का आरोप लगाया
• विवाद के बाद उनका काफिला वापस लौट गया, जिससे मेले में अफ़रा-तफ़री हुई



प्रयागराज में आयोजित माघ मेला 2026 के सबसे बड़े पर्व मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आज सुबह त्रिवेणी संगम तट पर पवित्र स्नान करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि **जब वे अपनी पालकी से अखाड़े से संगम नोज की ओर बढ़ रहे थे, तब यूपी सरकार के **गृह सचिव मोहित गुप्ता और प्रशासन की ओर से मिलने वाली व्यवस्था के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट के कारण उनके शिष्यों से दुर्व्यवहार हुआ। इसी परिप्रेक्ष्य में उन्होंने स्नान त्याग दिया और अपना काफिला अखाड़े की ओर वापस लौट गया

स्वामी ने बताया कि उन्हें शिष्यों पर न सिर्फ गलत ढंग से हाथ उठाया गया, बल्कि अधिकारियों का रवैया असभ्य और अनुचित भी था, इसलिए वह इस पवित्र परंपरा में भाग नहीं लेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारी उनके शिष्यों के साथ मारपीट कर रहे थे, जिससे मौनी अमावस्या स्नान का आध्यात्मिक अनुभव बाधित हुआ।

यह विवाद उसी समय सामने आया जब लगभग 3 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम तट पर इस पुण्य स्नान के लिए उमड़ रहे थे और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन में जुटा हुआ था।