लोन सस्ते नहीं होंगे, EMI पर भी नहीं मिलेगी राहत; RBI ने रेपो रेट 5.25% पर रखा स्थिर
RBI ने रेपो रेट को लगातार तीसरी बार 5.25% पर बरकरार रखा है। इससे होम, कार और पर्सनल लोन की EMI में फिलहाल कोई राहत नहीं मिलेगी। जानिए RBI ने यह फैसला क्यों लिया।
➤ लगातार तीसरी बार RBI ने रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव
➤ होम, कार और पर्सनल लोन की EMI फिलहाल नहीं होगी कम
➤ महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए लिया गया फैसला
अगर आप होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन सस्ता होने का इंतजार कर रहे हैं, तो फिलहाल आपको राहत नहीं मिलने वाली है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के बाद रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखने का फैसला किया है। इसका सीधा असर यह होगा कि मौजूदा और नए लोन की ब्याज दरों में फिलहाल कोई कमी नहीं आएगी और EMI भी पहले की तरह ही रहेगी।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मंगलवार को नीति की घोषणा करते हुए कहा कि दुनिया भर में जारी आर्थिक और भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण महंगाई पर दबाव बना हुआ है। ऐसे हालात में ब्याज दरों में कटौती करना उचित नहीं होगा।
महंगाई पर नजर, इसलिए नहीं घटी ब्याज दर
RBI के अनुसार पश्चिम एशिया में तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिका की टैरिफ नीति और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता जैसे कारण महंगाई बढ़ाने का जोखिम पैदा कर रहे हैं। यदि ऐसे समय में रेपो रेट घटाया जाता तो बाजार में नकदी बढ़ सकती थी, जिससे महंगाई और तेज होने का खतरा रहता।
EMI पर क्या होगा असर?
रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने से होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में तत्काल राहत की उम्मीद नहीं है। जिन ग्राहकों के लोन रेपो रेट से जुड़े हैं, उनकी EMI भी फिलहाल पहले जैसी ही रहेगी।
हालांकि, बैंक अपनी फंडिंग लागत और कारोबारी रणनीति के अनुसार ब्याज दरों में सीमित बदलाव कर सकते हैं।
FD निवेशकों के लिए राहत
रेपो रेट स्थिर रहने से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाले ब्याज में भी तत्काल कमी आने की संभावना कम है। ऐसे में जिन लोगों ने बैंक में निवेश किया है, उनके लिए यह फैसला राहत देने वाला माना जा रहा है।
रेपो रेट क्या होता है?
रेपो रेट वह ब्याज दर होती है, जिस पर RBI जरूरत पड़ने पर बैंकों को अल्पकालिक कर्ज उपलब्ध कराता है। इसी आधार पर बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन की ब्याज दरें तय करते हैं। रेपो रेट बढ़ने पर लोन महंगे हो सकते हैं, जबकि इसके घटने पर EMI कम होने की संभावना रहती है।
लगातार तीसरी बैठक में नहीं बदला फैसला
साल 2026 में अब तक अप्रैल, जून और अगस्त में हुई तीनों MPC बैठकों में रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रखा गया है। इससे पहले 2025 में RBI ने तीन बार रेपो रेट घटाकर लोगों को राहत दी थी, लेकिन तब से अब तक ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
आगे कब मिल सकती है राहत?
विशेषज्ञों के अनुसार यदि आने वाले महीनों में महंगाई नियंत्रित रहती है और वैश्विक हालात सामान्य होते हैं, तब RBI भविष्य की बैठकों में ब्याज दरों में कटौती पर विचार कर सकता है। फिलहाल केंद्रीय बैंक ने महंगाई पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी है।
Akhil Mahajan