शिमला में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, सुक्खू सरकार के खिलाफ निकाला मार्च

शिमला में भाजपा ने डीसी कार्यालय से मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकालकर सुक्खू सरकार पर प्रतिशोध की राजनीति, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

शिमला में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, सुक्खू सरकार के खिलाफ निकाला मार्च

शिमला में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, डीसी ऑफिस से सीएम आवास तक निकाला मार्च

भाजपा ने सुक्खू सरकार पर प्रतिशोध की राजनीति और सत्ता के दुरुपयोग का लगाया आरोप

कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और चुनावी गारंटियों को मानसून सत्र में उठाने का ऐलान

हिमाचल प्रदेश में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को सुक्खू सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शिमला में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डीसी कार्यालय से मुख्यमंत्री आवास ओक ओवर तक मार्च निकाला और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हालांकि मुख्यमंत्री आवास से पहले पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वहीं शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया।

इस प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने किया। भाजपा का आरोप है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार विपक्षी जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है और राज्य में प्रतिशोध की भावना से राजनीति की जा रही है।

प्रदर्शन के दौरान जयराम ठाकुर और डॉ. राजीव बिंदल ने आरोप लगाया कि सरकार भाजपा नेताओं, विधायकों, पूर्व विधायकों, जिला परिषद सदस्यों, पंचायत प्रतिनिधियों और नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करवा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रशासन और अन्य सरकारी एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

भाजपा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनके नेताओं की निगरानी करवाई जा रही है, फोन टैप किए जा रहे हैं और बैठकों की जानकारी जुटाने के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है और हत्या, गोलीबारी, चोरी, डकैती, महिलाओं के खिलाफ अपराध तथा चिट्टा माफिया की गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है।

भाजपा ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। नेताओं का आरोप है कि भ्रष्टाचार मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर पटवारी स्तर तक फैल चुका है। उन्होंने कहा कि पार्टी विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों के दस्तावेज आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में पेश करेगी और सरकार से जवाब मांगेगी।

भाजपा ने कहा कि मानसून सत्र में कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, आपदा राहत कार्य, कर्मचारियों की लंबित देनदारियां, पेंशन, वित्तीय लाभ और युवाओं को एक लाख सरकारी नौकरियां देने के वादे सहित कांग्रेस की चुनावी गारंटियों पर सरकार को घेरा जाएगा।

इसके अलावा प्रदेश की बदहाल सड़कें, बिजली और पेयजल आपूर्ति, मानसून सीजन की तैयारियां तथा वर्ष 2025 की प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के अधूरे पुनर्वास का मुद्दा भी विधानसभा में उठाया जाएगा। भाजपा ने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त आधारभूत ढांचे के पुनर्निर्माण में हो रही देरी पर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा।