रोहतक में 10 दुकानों में भीषण आग, दो जिंदा जले; 2 लोग अब भी लापता, फायर ब्रिगेड की देरी पर सवाल

रोहतक की डी-पार्क मार्केट में लगी भीषण आग में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग अब भी लापता हैं। दुकानदारों ने फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने का आरोप लगाया है।

रोहतक में 10 दुकानों में भीषण आग, दो जिंदा जले; 2 लोग अब भी लापता, फायर ब्रिगेड की देरी पर सवाल
  • रोहतक की डी-पार्क मार्केट में 10 दुकानों में भीषण आग
  • NDRF को दो शव मिले, दो लोग अभी भी लापता
  • दुकानदारों ने फायर ब्रिगेड के देरी से पहुंचने पर उठाए सवाल

रोहतक की डी-पार्क मार्केट में मंगलवार दोपहर लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। आग की चपेट में करीब 10 दुकानें आ गईं। देर शाम तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान NDRF की टीम ने दो शव बरामद किए, जबकि दो अन्य लोगों की तलाश अभी भी जारी है। बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए PGI रोहतक भेज दिया गया है।

दोपहर डेढ़ बजे: दुकानों में आग लगने के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई।

मृतकों में एक की पहचान कपिल (50) के रूप में हुई है, जो रोहतक शूज शोरूम में काम करता था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग की शुरुआत इसी शोरूम से हुई थी। बताया जा रहा है कि दुकान में लगे AC के कंप्रेसर में विस्फोट होने के बाद आग भड़की और देखते ही देखते आसपास की दुकानों तक फैल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर करीब डेढ़ बजे तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग लगने के समय दुकानों में ग्राहक भी मौजूद थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

दोपहर 2 बजे: फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने की कोशिश की। पुलिस फोर्स भी मौके पर तैनात की गई।

स्थानीय दुकानदारों का आरोप है कि सूचना मिलने के बावजूद शुरुआती समय में फायर ब्रिगेड की केवल एक गाड़ी ही मौके पर पहुंची। जबकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी जल्द मौके पर पहुंच गए थे। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पर्याप्त फायर ब्रिगेड वाहन पहुंच जाते तो नुकसान कम हो सकता था। बाद में आसपास के पांच जिलों से करीब 20 फायर ब्रिगेड गाड़ियां बुलाई गईं।

दोपहर साढ़े 3 बजे: कपड़ा दुकानदारों ने अपना सामान दूसरी जगह शिफ्ट करना शुरू कर दिया।

घटना के बाद बाजार में दर्दनाक दृश्य देखने को मिले। कई दुकानदार और उनके परिजन रोते-बिलखते नजर आए। एक दुकानदार सांसद दीपेंद्र हुड्डा के गले लगकर फूट-फूट कर रो पड़ा और अपने बेटे की तलाश की गुहार लगाई।

शाम साढ़े 5 बजे: दीपेंद्र हुड्‌डा से बात करते हुए दुकानदार रोने लग गए। दीपेंद्र ने दुकानदार को गले लगा लिया।

सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि दुकानदारों ने फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने की शिकायत की है और इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने प्रभावित दुकानदारों को हरसंभव मदद और मुआवजा दिलाने की बात भी कही।

बताया जा रहा है कि एक 24 वर्षीय युवक आग लगने के दौरान बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इसी दौरान एक होर्डिंग गिरने से वह दोबारा अंदर फंस गया। उसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

शाम साढ़े 6 बजे: दुकानों में आग पर कुछ हद तक काबू पाया गया। हालांकि, धुआं निकल रहा था।

यह हादसा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कोठी से करीब 50 मीटर दूरी पर हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्र को खाली करा लिया गया है। NDRF और अन्य एजेंसियां लगातार सर्च अभियान चला रही हैं।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि रोहतक में इससे पहले इतनी बड़ी आग की घटना याद नहीं आती। कई दुकानदारों की वर्षों की मेहनत कुछ ही घंटों में राख हो गई। आग से बची दुकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।