थानेसर के पूर्व विधायक साहब सिंह सैनी का निधन, 85 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

थानेसर से पूर्व विधायक साहब सिंह सैनी का 85 वर्ष की उम्र में पंचकूला के निजी अस्पताल में निधन। 1982 में विधायक बने और कांग्रेस व भाजपा में सक्रिय भूमिका निभाई।

थानेसर के पूर्व विधायक साहब सिंह सैनी का निधन, 85 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

• थानेसर से पूर्व विधायक साहब सिंह सैनी का 85 वर्ष की उम्र में निधन
• पंचकूला के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार शाम ली अंतिम सांस
• 1982 में लोकदल से विधायक बने, बाद में कांग्रेस और भाजपा में सक्रिय रहे



हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के थानेसर से पूर्व विधायक साहब सिंह सैनी का शुक्रवार शाम निधन हो गया। उन्होंने शाम करीब 4 बजे पंचकूला के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह पिछले एक सप्ताह से अस्पताल में भर्ती थे और उम्र से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे थे।

साहब सिंह सैनी का जन्म 7 दिसंबर 1940 को कुरुक्षेत्र के बाबैन खंड के फालसंडा गांव में हुआ था। हाल ही में 7 दिसंबर को वह 85 वर्ष के हुए थे, लेकिन उस समय भी वह अस्पताल में भर्ती थे। वह कुरुक्षेत्र के सेक्टर-13 में अपने परिवार के साथ रहते थे।

उनका अंतिम संस्कार शनिवार सुबह करीब 11 बजे देवीदासपुरा के श्मशान घाट में किया जाएगा। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है।

राजनीतिक जीवन की शुरुआत साहब सिंह सैनी ने 1982 में की थी। लोकदल के टिकट पर उन्होंने अपने पहले ही चुनाव में जीत दर्ज की थी। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार ओमप्रकाश गर्ग को 2,195 मतों से हराया था और 22,893 वोट हासिल किए थे। इस दौरान उन्हें ग्रामीण विकास और हस्तशिल्प उद्योग का चेयरमैन भी बनाया गया था।

1987 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन लोकदल के गुरदियाल सिंह से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वह बंसीलाल की हरियाणा विकास पार्टी से जुड़े और 1991 व 1996 में चुनाव लड़े, लेकिन दोनों बार तीसरे स्थान पर रहे। 1996 के बाद उन्होंने सक्रिय चुनावी राजनीति से दूरी बना ली।

साल 2004 में कांग्रेस ने उन्हें कुरुक्षेत्र जिला अध्यक्ष बनाया। लगभग 10 वर्ष तक वह कांग्रेस में सक्रिय रहे। वर्ष 2014 में भाजपा सरकार बनने के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। पार्टी में वह प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य रहे।

उनकी पत्नी जमंत्री देवी का वर्ष 2016 में निधन हो गया था। उनके दो बेटे विनोद सैनी और तुषार सैनी पेशे से अधिवक्ता हैं।