पति को पहले नींद की खिलाई गोलियां, फिर करंट लगाकर ले ली जान, सोनम रघुवंशी और सिया गोयल का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया
सड़क किनारे मिले 55 वर्षीय मुन्ना लाल की हत्या की जांच में पत्नी और उसके साथी की भूमिका सामने आई। पांच लाख की सुपारी और करंट देने का एंगल जांच में आया।
➤ सुबह सड़क किनारे खून से लथपथ मिला 55 वर्षीय मुन्ना लाल, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
➤ शुरुआत में लूट का शक था, लेकिन घटनास्थल के सुरागों ने जांच की दिशा घर और करीबियों की ओर मोड़ दी
➤ पत्नी मंजू उर्फ नाजिया और साथी चमन गिरफ्तार, पांच लाख की सुपारी से लेकर करंट देने तक की साजिश का खुलासा
सुबह करीब पांच बजे सड़क किनारे एक 55 वर्षीय व्यक्ति खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी तो टीम मौके पर पहुंची और गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पहली नजर में मामला लूट या चोरी के दौरान हुई हत्या का लग रहा था, लेकिन घटनास्थल की जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले, जिन्होंने पूरी कहानी को दूसरी दिशा में मोड़ दिया। जांच आगे बढ़ी तो मामला किसी अनजान बदमाश तक पहुंचने के बजाय मृतक के अपने घर और करीबियों तक जा पहुंचा।
मृतक की पहचान मुन्ना लाल के रूप में हुई। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि आखिर वह सड़क किनारे इस हालत में कैसे पहुंचा। क्या बदमाशों ने उसे रास्ते में घेरा था। क्या लूट के दौरान विरोध करने पर उसकी हत्या हुई। या फिर इस वारदात के पीछे पहले से तैयार कोई योजना थी। घटनास्थल से मिले सुरागों और पूछताछ के बाद पुलिस ने इन सभी संभावनाओं को एक-एक करके खंगालना शुरू किया।
सुबह का वह मंजर, जिसने पुलिस को उलझा दिया
मामला 10 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे सामने आया। रतिया मार्ग पर मुन्ना लाल गंभीर हालत में मिले। उनके शरीर पर चोट के निशान थे और वह खून से लथपथ थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें तत्काल AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।
लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू की। शुरुआत में जिस तरह हालात नजर आ रहे थे, उससे आशंका थी कि किसी बदमाश ने लूट या चोरी के दौरान मुन्ना लाल को निशाना बनाया होगा।
लेकिन जांच के दौरान सामने आए कुछ तथ्य इस कहानी से मेल नहीं खा रहे थे।
घटनास्थल के सुरागों ने बदल दी जांच की दिशा
पुलिस ने वारदात की कड़ियां जोड़ने के लिए घटनास्थल के आसपास की जानकारी जुटाई। इसके साथ ही मृतक के परिवार, परिचितों और उसके निजी जीवन से जुड़े पहलुओं को भी खंगाला गया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मुन्ना लाल के घर में आर्थिक परेशानियों और घरेलू विवाद को लेकर तनाव रहता था। पति-पत्नी के बीच झगड़े होने की बात भी सामने आई।
यहीं से पुलिस की जांच ने नया मोड़ लिया।
जिस हत्या को शुरुआत में सड़क पर हुई लूट की वारदात समझा जा रहा था, उसमें अब घर के अंदर के विवाद की भूमिका तलाश की जाने लगी।
जांच पहुंची पत्नी तक
पूछताछ और जुटाई गई जानकारी के आधार पर पुलिस का शक मृतक की पत्नी मंजू उर्फ नाजिया की ओर गया। पुलिस के मुताबिक, मंजू अपने पति के व्यवहार और घरेलू परिस्थितियों से परेशान थी।
जांच में यह भी सामने आया कि पति की कथित मारपीट और लगातार चल रहे घरेलू विवाद के बीच उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई।
यहीं से इस मामले में एक और व्यक्ति की एंट्री हुई।
पांच लाख रुपये की सुपारी का एंगल
पुलिस के अनुसार मुन्ना लाल को रास्ते से हटाने के लिए पांच लाख रुपये में सुपारी देने का सौदा किया गया था। हत्या की योजना में मंजू के साथ उसके साथी चमन की भूमिका सामने आई।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं आरोपी को पनाह देने के आरोप में किशन के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पांच लाख रुपये की रकम को लेकर क्या बातचीत हुई थी, किस तरह योजना बनाई गई और हत्या को अंजाम देने के लिए किन लोगों की मदद ली गई।
नींद की गोलियां खिलाने के बाद करंट का इस्तेमाल
जांच में हत्या के तरीके को लेकर जो जानकारी सामने आई, उसने मामले को और गंभीर बना दिया। पुलिस के मुताबिक, मुन्ना लाल को पहले नींद की गोलियां खिलाई गईं और इसके बाद करंट देकर उसकी जान लेने की साजिश रची गई।
इस घटनाक्रम की पूरी कड़ी को पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए जोड़ रही है। यह भी जांच का हिस्सा है कि नींद की गोलियां कहां से लाई गईं, करंट देने की व्यवस्था कैसे की गई और इसके बाद मुन्ना लाल को सड़क किनारे कैसे पहुंचाया गया।
अगर इन कड़ियों की पुष्टि होती है तो इससे साफ हो सकता है कि वारदात अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे पहले से तैयारी की गई थी।
हत्या के बाद लूट जैसा माहौल क्यों?
पुलिस की शुरुआती जांच में मामला लूट या चोरी के दौरान हुई हत्या जैसा लग रहा था। यही वजह है कि जांच का पहला फोकस बाहरी हमलावरों पर गया।
लेकिन बाद में सामने आए सुरागों ने इस दिशा को बदल दिया। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या हत्या के बाद घटनास्थल को इस तरह पेश करने की कोशिश की गई थी, जिससे पुलिस को लूट की वारदात का शक हो।
यही सवाल इस केस की सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों में से एक है।
पत्नी और साथी की गिरफ्तारी के बाद कई सवाल
मंजू उर्फ नाजिया और चमन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब वारदात की पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या की योजना कब बनी, दोनों के बीच क्या बातचीत हुई और वारदात वाले दिन घटनाओं का क्रम क्या था।
इसके अलावा पुलिस यह भी पता कर रही है कि किशन की भूमिका सिर्फ पनाह देने तक सीमित थी या उसे साजिश के दूसरे हिस्सों की भी जानकारी थी।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर हत्या के पीछे की पूरी वजह और अन्य संभावित लोगों की भूमिका तलाश रही है।
मामला आखिर कहां का निकला?
जिस वारदात की शुरुआत एक सड़क किनारे खून से लथपथ मिले व्यक्ति से हुई थी और जिसे पहले लूट की घटना समझा जा रहा था, उसकी जांच आखिरकार दिल्ली के संगम विहार तक पहुंची।
पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी मंजू उर्फ नाजिया और उसके साथी चमन को गिरफ्तार किया है। आरोपी को पनाह देने के आरोप में किशन के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
अब पुलिस पांच लाख रुपये की कथित सुपारी, नींद की गोलियां, करंट और हत्या के बाद शव को सड़क किनारे छोड़ने की पूरी कड़ी को जोड़ रही है।
आखिर में खुली हत्या की पूरी परत
सुबह सड़क किनारे मिले मुन्ना लाल की मौत को देखकर शुरुआत में कहानी लूट और चोरी के इर्द-गिर्द घूम रही थी। लेकिन घटनास्थल के सुरागों से शुरू हुई जांच धीरे-धीरे घर के अंदर तक पहुंची और फिर पत्नी तथा उसके साथियों की भूमिका सामने आई।
नींद की गोलियां, करंट, पांच लाख रुपये की सुपारी और हत्या के बाद मामले को दूसरी दिशा देने की कोशिश—इन सभी पहलुओं की अब पुलिस जांच कर रही है।
फिलहाल मंजू उर्फ नाजिया और चमन गिरफ्तार हैं, जबकि किशन के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। पुलिस की आगे की पूछताछ से यह स्पष्ट होगा कि हत्या की योजना कितने समय पहले बनाई गई थी, पांच लाख रुपये का सौदा किस तरह हुआ और इस पूरी साजिश में कितने लोग शामिल थे।
Akhil Mahajan