हरियाणा की बेटी सविता पूनिया को पद्मश्री: राष्ट्रपति मुर्मू ने किया सम्मानित, ‘द ग्रेट वॉल’ के नाम से दुनिया में बनाई पहचान

हरियाणा के सिरसा की अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया को पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।

हरियाणा की  बेटी सविता पूनिया को पद्मश्री: राष्ट्रपति मुर्मू ने किया सम्मानित, ‘द ग्रेट वॉल’ के नाम से दुनिया में बनाई पहचान

➤ सिरसा की हॉकी स्टार सविता पूनिया को मिला पद्मश्री सम्मान

➤ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में किया सम्मानित

➤ भारतीय महिला हॉकी की ‘द ग्रेट वॉल’ के नाम से हैं मशहूर


हरियाणा के सिरसा की अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सविता पूनिया को देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। सविता भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान और मौजूदा गोलकीपर हैं। खेल जगत में उन्हें भारतीय महिला हॉकी की ‘द ग्रेट वॉल’ के नाम से जाना जाता है।

पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद सविता पूनिया ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए बेहद खास और गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने हॉकी खेलना शुरू किया था, तब कभी नहीं सोचा था कि एक दिन उन्हें देश का इतना बड़ा नागरिक सम्मान मिलेगा। यह उपलब्धि सिर्फ उनकी नहीं बल्कि उनके परिवार और पूरी टीम की भी है।

सविता ने कहा कि उनके खेल जीवन में कई ऐसे मौके आए जब उन्हें लगा कि हॉकी छोड़नी पड़ सकती है। हालांकि परिवार के सहयोग और विश्वास ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। उन्होंने कहा कि एक मध्यमवर्गीय परिवार की बेटी को जब इतना समर्थन मिलता है, तो वह बड़े से बड़ा सपना भी पूरा कर सकती है।

टोक्यो ओलिंपिक के बाद मिली ‘द ग्रेट वॉल’ की पहचान

टोक्यो ओलिंपिक 2020 में सविता पूनिया ने शानदार प्रदर्शन किया था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उन्होंने 8 पेनल्टी कॉर्नर बचाकर भारतीय टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्हें ‘द ग्रेट वॉल’ के नाम से पहचान मिली।

सविता पूनिया लगातार तीन बार FIH गोलकीपर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं। वह 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली भारत की दूसरी गोलकीपर भी हैं।

अर्जुन अवार्ड से भी हो चुकी हैं सम्मानित

सविता को इससे पहले वर्ष 2018 में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी कप्तानी में भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा टीम ने FIH नेशंस कप का खिताब भी अपने नाम किया।

वह हरियाणा सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर भी रह चुकी हैं।

साधारण परिवार से निकलकर रचा इतिहास

सविता पूनिया का जन्म 11 जून 1990 को सिरसा जिले के जोधकां गांव में हुआ था। उनके पिता महेंद्र सिंह स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट रहे हैं, जबकि माता लीलावती गृहिणी हैं। सविता अपने दादा रणजीत सिंह को अपना रोल मॉडल मानती हैं। दादा की प्रेरणा से ही उन्होंने हॉकी खेलना शुरू किया।

उन्होंने शुरुआती प्रशिक्षण सिरसा की अग्रसेन नर्सरी में लिया और बाद में हिसार स्थित साईं सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्ष 2007 में उनका चयन भारतीय सीनियर हॉकी कैंप के लिए हुआ और 2011 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पदार्पण किया।

पति कनाडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर

सविता पूनिया की शादी वर्ष 2021 में अंकित बल्हारा से हुई थी, जो मूल रूप से सोनीपत के रहने वाले हैं और वर्तमान में कनाडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। खेल और प्रशिक्षण शिविरों के कारण सविता का अधिकांश समय भारत में ही बीतता है।