सोनीपत में भेड़ों के साथ निकाली मंत्रियों की प्रतीकात्मक बारात, सफाई कर्मियों का अनोखा प्रदर्शन; सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

सोनीपत में सफाई कर्मचारियों ने दो भेड़ों पर मंत्री विपुल गोयल और कृष्ण बेदी के पोस्टर लगाकर बाजे के साथ प्रतीकात्मक बारात निकाली। कर्मचारी 6 अगस्त से हड़ताल पर हैं और सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे हैं।

सोनीपत में भेड़ों के साथ निकाली मंत्रियों की प्रतीकात्मक बारात, सफाई कर्मियों का अनोखा प्रदर्शन; सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

दो भेड़ों पर विपुल गोयल और कृष्ण बेदी के पोस्टर लगाकर निकाली बारात
6 अगस्त से हड़ताल पर सफाई कर्मचारी, मांगों पर सहमति के बाद पत्र जारी न होने का आरोप
ठेका प्रथा खत्म करने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने समेत कई मांगें उठाईं


सोनीपत। हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सोनीपत में बुधवार को सरकार के खिलाफ विरोध का अनोखा तरीका देखने को मिला। सोनीपत नगर पालिका संघ हरियाणा के आह्वान पर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों ने दो भेड़ों को प्रतीकात्मक रूप से हरियाणा सरकार के मंत्रियों के रूप में पेश किया। एक भेड़ पर मंत्री विपुल गोयल और दूसरी पर मंत्री कृष्ण बेदी का पोस्टर लगाया गया। दोनों भेड़ों को रस्सी से बांधकर कर्मचारियों ने शहर की सड़कों पर घुमाया और बाजा बजाते हुए उनकी प्रतीकात्मक बारात निकाली। कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि सहमति के अनुसार पत्र जारी नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

बाजा बजाकर भेड़ों के साथ प्रतीकात्मक बारात भी निकाली गई।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार के साथ उनकी कई दौर की बातचीत हो चुकी है और मांगों को लेकर सहमति भी बनी थी। इसके बावजूद अब तक सहमति के अनुसार पत्र जारी नहीं किया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार अपने ही वादे से पीछे हट रही है, जिसके चलते उन्हें हड़ताल और प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

दो भेड़ों पर लगाए मंत्रियों के पोस्टर, बाजे के साथ निकाली बारात

प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मचारियों ने दो भेड़ों को प्रतीकात्मक रूप से सरकार के दो मंत्रियों के रूप में पेश किया। एक भेड़ पर मंत्री विपुल गोयल और दूसरी पर मंत्री कृष्ण बेदी का पोस्टर लगाया गया। दोनों को रस्सी से बांधकर कर्मचारी शहर की सड़कों पर लेकर निकले।

इस दौरान बाजा बजाया गया और भेड़ों के साथ प्रतीकात्मक बारात निकाली गई। कर्मचारियों ने इस तरीके से सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।

सफाई कर्मचारी भारत खंडेरा ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि यह सामान्य प्रदर्शन नहीं है, बल्कि हरियाणा सरकार के उन दोनों मंत्रियों की बारात है, जिन्हें जनता ने चुनकर भेजा है। उन्होंने सरकार पर कर्मचारियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

6 अगस्त से हड़ताल पर हैं सफाई कर्मचारी

भारत खंडेरा ने बताया कि सफाई कर्मचारी 6 अगस्त से लगातार हड़ताल पर बैठे हैं। उनके अनुसार हड़ताल को 14 दिन हो चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांगों को लेकर कोई पत्र जारी नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हुई है। बातचीत के दौरान मांगों पर सहमति बनने के बावजूद अब उस सहमति को लागू नहीं किया जा रहा। कर्मचारियों का कहना है कि जब बातचीत में निर्णय हो चुका है तो उसके अनुसार पत्र जारी करना सरकार की जिम्मेदारी है।

दोनों भेड़ों को रस्सी से बांधकर कर्मचारियों ने शहर की सड़कों पर घुमाया। इस दौरान बाजा बजाया गया और भेड़ों के साथ बारात निकाली।

ठेका प्रथा खत्म करने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग

सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेका प्रथा पूरी तरह खत्म करने और समान काम के लिए समान वेतन देने की मांग प्रमुखता से उठाई है।

कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को सरकार के सामने रखते आ रहे हैं। उनका आरोप है कि सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारियों की समस्याओं का अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया।

सरकार पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछली बैठकों में सरकार की ओर से उनकी मांगों को लेकर सहमति जताई गई थी। इसके बावजूद सहमति के अनुसार पत्र जारी नहीं किया जा रहा है।

कर्मचारियों का कहना है कि बातचीत के दौरान जो निर्णय लिए गए थे, उन्हें लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि सरकार इन मांगों पर कार्रवाई नहीं करती तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

540 करोड़ के बजट का भी उठाया मुद्दा

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सोनीपत में विकास कार्यों के लिए आए करीब 540 करोड़ रुपए के बजट का मुद्दा भी उठाया। भारत खंडेरा ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी राशि आने के बावजूद शहर की मूलभूत समस्याएं दूर नहीं हुई हैं।

उन्होंने कहा कि थोड़ी देर की बारिश में शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है और सफाई व्यवस्था भी प्रभावित होती है। कर्मचारियों ने शहर की व्यवस्था को लेकर भी सरकार और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाए।

नगर निगम में भ्रष्टाचार का आरोप

भारत खंडेरा ने नगर निगम में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर चहेते लोगों और ठेकेदारों को बड़े-बड़े टेंडर दिए जा रहे हैं, जबकि शहर को रोजाना साफ रखने वाले कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

हालांकि, भ्रष्टाचार से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कर्मचारियों ने अपनी मांगों और आरोपों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

सफाई कर्मचारियों ने साफ कहा कि यदि सरकार ने पिछली बैठक में बनी सहमति के अनुसार पत्र जारी नहीं किया और उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि सरकार की ओर से मांगों की अनदेखी जारी रही तो आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन का दायरा बढ़ाया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के बजाय आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।