इमरान खान से बहन और पत्नी की जेल में मुलाकात, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बदला घटनाक्रम

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से बहन नोरीन नियाजी और पत्नी बुशरा बीबी ने अडियाला जेल में मुलाकात की। अदालत ने परिवार से हर हफ्ते मिलने और इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का आदेश दिया है।

इमरान खान से बहन और पत्नी की जेल में मुलाकात, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बदला घटनाक्रम

9 महीने बाद बहन नोरीन ने इमरान से की मुलाकात
सुप्रीम कोर्ट ने परिवार से हर हफ्ते मिलने का दिया आदेश
इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने के निर्देश


पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर जेल में चल रहे घटनाक्रम के बीच परिवार से मुलाकात और इलाज को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इमरान खान से उनकी बहन नोरीन नियाजी और पत्नी बुशरा बीबी ने मुलाकात की। यह मुलाकात उस जेल में हुई, जहां इमरान अगस्त 2023 से बंद हैं। खास बात यह रही कि नोरीन करीब 9 महीने बाद अपने भाई से मिलीं। मुलाकात के दौरान परिवार ने इमरान की सेहत के बारे में जानकारी ली और उन्हें अदालत के उस आदेश के बारे में बताया, जिसके तहत इलाज और मेडिकल जांच के लिए उन्हें शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने को कहा गया है।

इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा खान 17 जुलाई 2023 को लाहौर हाईकोर्ट में अलग-अलग मामलों में जमानत के लिए जमानती दस्तावेज जमा करने से पहले मीडिया से बात करते हुए।

नोरीन और उनकी बहनों अलीमा खान और उजमा खानुम के जेल पहुंचने से पहले ही मामला चर्चा में आ गया था। तीनों बहनें जेल के रास्ते में डहगल चेकपॉइंट तक पहुंची थीं, जहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद पुलिस ने केवल नोरीन को इमरान खान से मिलने के लिए जेल जाने की अनुमति दी।

करीब 15 मिनट तक नोरीन की इमरान से मुलाकात हुई। मुलाकात के बाद उन्होंने इमरान से मिलने की पुष्टि तो की, लेकिन अदालत में दिए गए भरोसे के मुताबिक मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। दूसरी ओर, इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी के बीच मुलाकात करीब 30 से 35 मिनट चली।

सुप्रीम कोर्ट ने परिवार से मुलाकात को बताया अधिकार

इमरान खान के परिवार को उनसे मिलने की अनुमति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा आदेश देते हुए कहा कि परिवार से मुलाकात कराना कोई एहसान नहीं, बल्कि मौलिक अधिकार है। अदालत ने इमरान खान के परिवार को हर सप्ताह उनसे मिलने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले 3 साल के दौरान इमरान खान और उनकी बहनों के बीच हुई मुलाकातों का रिकॉर्ड भी मांगा है। इसके साथ ही उनके बेटों से हुई बातचीत और फोन कॉल की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है।

इमरान खान मई 2024 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश हुए थे।

इलाज के लिए अस्पताल भेजने का आदेश

इमरान खान की सेहत को लेकर भी अदालत में चिंता जताई गई है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें इलाज और मेडिकल जांच के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का आदेश दिया है। अदालत ने उनके इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने को भी कहा है।

इस मेडिकल बोर्ड में इमरान खान के निजी डॉक्टर के साथ उनकी बहन डॉ. उजमा खान को भी शामिल करने का निर्देश दिया गया है। अडियाला जेल की मेडिकल रिपोर्ट में इमरान के ब्लड प्रेशर और तनाव को लेकर चिंता जताई गई थी।

पाकिस्तान सरकार कोर्ट के आदेश को देगी चुनौती

सुप्रीम कोर्ट के अस्पताल भेजने के आदेश के बाद पाकिस्तान सरकार ने इसे चुनौती देने का फैसला किया है। शहबाज सरकार इस आदेश के खिलाफ रिव्यू पिटीशन दायर करेगी।

पाकिस्तान के कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने CNN-न्यूज 18 से बातचीत में कहा कि सरकार ने अदालत के आदेश की समीक्षा की है। सरकार का मानना है कि आदेश के कुछ हिस्से मौजूदा कानून के मुताबिक नहीं हैं।

तरार ने सवाल उठाया कि पाकिस्तान की जेलों में कई कैदी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में यदि इमरान खान को जेल से बाहर एक खास अस्पताल में इलाज की सुविधा दी जाती है तो क्या यही व्यवस्था दूसरे कैदियों के लिए भी लागू होगी। सरकार का कहना है कि आम तौर पर कैदियों का इलाज सरकारी अस्पतालों और निर्धारित सरकारी व्यवस्था के तहत किया जाता है।

अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान खान

73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए।

बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिली। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं।

इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई लगातार आरोप लगाती रही है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ राजनीतिक वजहों से मामले दर्ज किए गए। उनका कहना है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए कार्रवाई की गई।

वहीं पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं। उनका कहना है कि इमरान खान के खिलाफ दर्ज मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं।