सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: प्रदर्शन पर पुलिस की बर्बरता सही नहीं, आंदोलन संवैधानिक अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले की सुनवाई में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन संवैधानिक अधिकार है और केवल आंदोलन के आधार पर पुलिस की कथित बर्बरता को सही नहीं ठहराया जा सकता। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को होगी।
➤ सुप्रीम कोर्ट ने कहा- शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार
➤ पुलिस की कथित बर्बरता और पुलिसकर्मियों पर हमले, दोनों पर जताई चिंता
➤ जंतर-मंतर लाठीचार्ज मामले की सभी याचिकाओं पर मंगलवार को होगी संयुक्त सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और केवल आंदोलन या विरोध प्रदर्शन होने के आधार पर पुलिस की कथित बर्बरता या अत्यधिक बल प्रयोग को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन का अधिकार संविधान द्वारा संरक्षित है। साथ ही अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला होता है तो वह भी उतना ही गंभीर और चिंताजनक विषय है।
प्रदर्शन के लिए प्रोटोकॉल बनाने पर भी चर्चा
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर स्पष्ट प्रोटोकॉल तय किए जाने की आवश्यकता है, ताकि नागरिकों के अधिकारों और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन बना रहे।
NEET और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से जुड़ा है मामला
यह मामला 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि NEET पेपर लीक और तत्कालीन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया।
इन याचिकाओं का संबंध कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा निकाले गए संसद मार्च से भी बताया गया है।
सरकार से मांगा जा सकता है जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ हिंसा हुई है तो उस पर भी सरकार से जवाब मांगा जा सकता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून सभी पक्षों पर समान रूप से लागू होता है और किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार्य नहीं है।
मंगलवार को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं को एक साथ सुनने का निर्णय लिया है। अब मंगलवार को इन सभी मामलों पर संयुक्त सुनवाई होगी, जिसमें पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों के आरोप और सरकार का पक्ष भी अदालत के सामने रखा जाएगा।
Akhil Mahajan