नूर खान एयरबेस पर अफगानिस्तान का हमला, भारी नुकसान का दावा, पाकिस्तान ने 415 तालिबान लड़ाके मारने का दावा
अफगानिस्तान ने रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस सहित कई पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमलों का दावा किया है, जबकि पाकिस्तान ने 415 तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया है। एयरस्पेस उल्लंघन के आरोप के बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष तेज हो गया है।
■ अफगान वायुसेना ने नूर खान एयरबेस समेत कई पाक ठिकानों पर सटीक हमले का दावा
■ पाकिस्तान बोला- 415 तालिबान लड़ाके ढेर, 182 चौकियां तबाह
■ एयरस्पेस उल्लंघन के आरोप के बाद खुली सैन्य टकराव जैसी स्थिति
काबुल/इस्लामाबाद। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहा तनाव अब खुले सैन्य टकराव का रूप लेता दिख रहा है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान के कई अहम सैन्य ठिकानों पर सटीक और योजनाबद्ध हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में सबसे प्रमुख निशाना रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस रहा, जिसे पाकिस्तान का रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा माना जाता है। अफगानिस्तान का कहना है कि हमले पूरी सटीकता के साथ किए गए और जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, वहां भारी नुकसान हुआ है। हालांकि पाकिस्तान ने अब तक इन हमलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
अफगान रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार नूर खान एयरबेस के अलावा क्वेटा में 12 कोर मुख्यालय, खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मद एजेंसी क्षेत्र और कुछ अन्य संवेदनशील सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। इन हमलों के बाद पाकिस्तान के रक्षा ढांचे पर असर की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान की ओर से बड़ा दावा किया गया है। पाकिस्तान ने कहा है कि उसके सैन्य ऑपरेशन में अब तक 415 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 580 से अधिक घायल हुए हैं। पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्री के अनुसार पाकिस्तानी फोर्सेस ने कम से कम 182 अफगान चौकियों को नष्ट कर दिया है और 31 अन्य पर कब्जा कर लिया है। साथ ही 185 टैंक, बख्तरबंद वाहन और तोपों को नष्ट करने तथा 46 स्थानों पर प्रभावी हवाई हमले करने का दावा भी किया गया है। इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है।
अफगानिस्तान ने इन हमलों को पाकिस्तान की ओर से किए गए कथित हवाई उल्लंघन का जवाब बताया है। अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि बीती रात और आज सुबह पाकिस्तानी विमानों ने काबुल, बगराम और कुछ अन्य इलाकों के ऊपर उड़ान भरी, जिसे अफगानिस्तान ने अपने एयरस्पेस का उल्लंघन करार दिया। अफगानिस्तान ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तान की सेना इसी तरह उसके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करती रही तो आगे भी कड़ा जवाब दिया जाएगा।
रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस पहले भी चर्चा में रहा है। यही वह सैन्य अड्डा है जहां भारत ने 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल से हमला किया था। अब ताजा अफगान हमलों के बाद सोशल मीडिया पर इस एयरबेस की स्थिति को लेकर चर्चाएं और व्यंग्यात्मक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ रही हवाई गतिविधियां क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा सकती हैं। यदि दावों और जवाबी दावों का यह सिलसिला थमा नहीं, तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस उभरते संघर्ष पर टिकी हुई है।
किन-किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
अफगान रक्षा मंत्रालय के बयान के अनुसार जिन स्थानों को निशाना बनाया गया उनमें शामिल हैं:
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रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस
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क्वेटा में 12 कोर मुख्यालय
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खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मद एजेंसी क्षेत्र
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अन्य संवेदनशील सैन्य ठिकाने
अफगानिस्तान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हमले “पूरी सटीकता” के साथ किए गए और जिन स्थानों को निशाना बनाया गया, वहां भारी नुकसान हुआ है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से अभी तक इन हमलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अफगानिस्तान ने क्यों किया हमला?
अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह कार्रवाई पाकिस्तान की ओर से कथित हवाई उल्लंघन के जवाब में की गई। बयान में कहा गया कि बीती रात और आज सुबह पाकिस्तान के विमानों ने काबुल, बगराम और अन्य इलाकों के ऊपर उड़ान भरी, जिसे अफगानिस्तान ने अपने हवाई क्षेत्र का उल्लंघन बताया।
अफगानिस्तान ने चेतावनी दी है कि यदि पाकिस्तान की सेना इसी तरह एयरस्पेस का उल्लंघन करती रही तो आगे भी कड़ा जवाब दिया जाएगा।
‘415 तालिबान लड़ाके मारे गए’
पाकिस्तान का दावा है कि उसके सैन्य अभियान में:
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415 तालिबान लड़ाके मारे गए
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580 से ज्यादा घायल
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182 अफगान चौकियां नष्ट
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31 चौकियों पर कब्जा
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185 टैंक, बख्तरबंद वाहन और तोपें नष्ट
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46 स्थानों पर हवाई हमले
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नूर खान एयरबेस क्यों अहम है?
रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस पाकिस्तान के सबसे रणनीतिक एयरबेस में गिना जाता है। यही वह एयरबेस है जहां भारत ने 2025 में “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल से हमला किया था।
सोशल मीडिया पर अब इस बात को लेकर मज़ाक और प्रतिक्रियाएं वायरल हैं कि एयरबेस पहले से मरम्मत की प्रक्रिया में था और अब अफगान हमलों के बाद फिर क्षतिग्रस्त हो गया है।
स्थिति कितनी गंभीर?
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दोनों देशों के बीच हवाई कार्रवाई जारी रहने के संकेत
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आधिकारिक पुष्टि और जमीनी सत्यापन का अभाव
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क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ने की आशंका
फिलहाल यह संघर्ष दावों और जवाबी दावों के बीच तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, और स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर है।
Akhil Mahajan